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दाखिलें में पाई गई गलती तो स्कूल होगा जिम्मेदार
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 07 Apr 2016 10:06 PM IST
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत हुए दाखिलों की पोल खुलने के बाद इस साल आरटीई दाखिलों में शिक्षा विभाग फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। नगर शिक्षा अधिकारी ने सभी निजी स्कूलों को आदेश जारी किया है कि वह दाखिला देने से पहले सभी प्रमाण पत्रों की जांच कर लें, अगर गलती पाई गई तो इसके लिए स्कूल ही जिम्मेदार होंगे।
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गत वर्ष तक हुए दाखिलों में बड़े पैमाने पर खामियां सामने आई थी। कई अपात्रों को आरटीई के दाखिले दे दिए गए थे। अमर उजाला ने दाखिलों का यह फर्जीवाड़ा उजागर किया तो शिक्षा विभाग ने जांच बैठा दी थी।
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शिक्षा विभाग में इन दाखिलों की जांच चल रही है। इस साल आरटीई दाखिलों को लेकर शिक्षा विभाग पहले से ही सतर्क है। नगर शिक्षा अधिकारी इंद्रमनी बलोदी की ओर से सभी स्कूलों को आदेश जारी किया गया है कि वह दाखिला देने से पहले प्रमाण-पत्र जांच लें।
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फूंक-फूंक कर रख रहा विभाग कदम
इसमें यह ध्यान रखें कि जिस वार्ड में स्कूल है, वहीं के बच्चे को प्रवेश दिया जाना चाहिए। प्रवेश से पहले अभिभावकों की ओर से आवेदन पत्र पर लगाए गए सभी प्रमाण पत्रों की जांच मूल प्रमाण पत्रों से कर लें। आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, विधवा या तलाकशुदा के प्रमाण पत्रों की जांच भी मूल अभिलेखों से की जाए।
उन्होंने आदेश दिए हैं कि अगर आरटीई के नियम से इतर अनियमित प्रवेश किया गया तो इसके लिए संबंधित स्कूल ही जिम्मेदार होगा। नियम विरुद्ध प्रवेश होने की दशा में विभाग की ओर से प्रतिपूर्ति व्यय का भुगतान नहीं किया जाएगा।