यूथ फेस्टिवल में मेडल तो रिजर्व सीट पर मिलेगा दाखिला
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पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) और एफिलिएटेड 190 कॉलेजों के विद्यार्थियों को पीयू ने बड़ा तोहफा दिया है। पीयू सिंडीकेट ने आगामी सत्र से पीयू और कालेजों में यूथ फेस्टिवल में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर मेडल जीतने वालों के लिए विभिन्न कोर्स में प्रति यूनिट एक सीट रिजर्व करने का फैसला लिया है। इस फैसले से हर साल काफी संख्या में स्टूडेंट को दाखिले में लाभ मिलेने की उम्मीद है। लेकिन सिंडीकेट का यह फैसला कई प्रोफेशनल, एआईसीटीई,एनसीटीई,बीसीआई,एमसीआई,डीसीआई जैसे कोर्स में मान्य नहीं होगा। इन कोर्स में डेंटल कोर्स, इंजीनियरिंग,लॉ जैसे कोर्स शामिल नहीं किए गए हैं।
पीयू ने युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कोर्स में यूथ फेस्टिवल मेडल विजेताओं के लिए सीट रिजर्व करने का फैसला लिया है। इंटर यूनिवर्सिटी, नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के यूथ फेस्टिवल में मेडल लाने वाले स्टूडेंट्स को रिजर्व सीटों का लाभ मिलेगा। सिंडीकेट बैठक में एलएलबी तीन वर्षीय कोर्स में फीस बढ़ाने केप्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी ।
प्रस्ताव को अगली मीटिंग के लिए स्थागित कर दिया गया है। फीस बढ़ोतरी को लेकर काफी विरोध हो रहा था। पीयू कैंपस में डीएसडब्ल्यू के कामकाज का बोझ कम करने के लिए एसोसिएट डीएसडब्ल्यू की नियुक्ति के मामले पर भी सिंडीकेट में फैसला नहीं हो सका। पीयू के नए डीयूआई को लेकर भी सिंडीकेट में प्रस्ताव पर कोई चर्चा नहीं हुई। सिंडीकेट में पीयू के प्रोफेसर की सीनियारिटी लिस्ट पेश की जानी थी। सिंडीकेट के बाकी प्रस्तावों पर आगामी 14 मई को होने वाली सिंडीकेट में चर्चा होने की उम्मीद है।
प्रो. वीके चोपड़ा को एक्सटेंशन नहीं
सिंडीकेट बैठक में सबसे ज्यादा हंगामा पीयू के इवनिंग स्टडीज के प्रो. वीके चोपड़ा को एक्सटेंशन देने को लेकर हुआ। बैठक में कुछ सदस्यों ने प्रो.चोपड़ा को एक्सटेंशन देने की बात कही। लेकिन कुलपति के फैसले को सिंडीकेट के अधिक सदस्यों ने सही बताया। वीसी ग्रुप ने एकजुटता दिखाते हुए प्रो. वीके चोपड़ा को एक्सटेंशन दिए जाने का विरोध किया। इस मामले को लेकर हंगामा काफी देर चलता रहा, जिस कारण सिंडीकेट एजेंडे के कई प्रस्ताव पर चर्चा भी नहीं हो सकी। गौरतलब है कि पिछले सीनेट बैठक में भी प्रो.चोपड़ा को एक्सटेंशन नहीं दिए जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ था।
कालेज और यूनिवर्सिटी में टीचिंग डे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण फैसला
पीयू सिंडीकेट ने कालेज और यूनिवर्सिटी में टीचिंग डे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अंडर ग्रेजुएट परीक्षाओं के लिए अब सिर्फ साल में एक बार प्रैक्टिकल एग्जाम लिए जाएंगे। सेमेस्टर सिस्टम के तहत इवन सेमेस्टर में प्रेक्टिकल परीक्षाओं के बाद होंगे। इस फैसले से टीचिंग डे 10 दिन तक बढ़ जाएंगे। पीयू सिंडीकेट ने दूसरे सेमेस्टर में भी माइग्रेशन की अनुमति दे दी है। बैठक में इवन सेमेस्टर में भी एडमिशन दिए जाने को मंजूरी दे दी है, लेकिन इसके लिए स्टूडेंट का पहला सेमेस्टर क्लीयर होना जरूरी है। सिंडीकेट ने असेसमेंट सिस्टम को भी दुरुस्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
सिंडीकेट में इन फैसलों पर भी लगी मुहर
- सिंडीकेट ने सीनेट चुनाव में वोटर लिस्ट की फीस बढ़ा दी है। सीनेट चुनाव वोटर लिस्ट लेने केलिए अब दो सौ की जगह पांच सौ रुपये अदा करने होंगे।
- रिटायर्ड प्रिंसिपल को दो साल की री-इंप्लाइमेंट देने के प्रस्ताव को भी सिंडीकेट ने मंजूरी दे दी है
- सिंडीकेट ने कई नियुक्तियों को भी मंजूरी दे दी है।
एनएसएस को-ऑर्डिनेटर के पद पर नियुक्ति को लेकर विवाद
सिंडीकेट बैठक में एनएसएस को-आर्डिनेटर के पद पर नियुक्ति को लेकर काफी विवाद हुआ। इस पद के लिए डॉ.नवदीप शर्मा का नाम प्रस्तावित था। सिंडीकेट में मामले को लेकर काफी बहस हुई। जानकारी के अनुसार डॉ.नवदीप शर्मा की पीएचडी डिग्री को लेकर सिंडीकेट के कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया। जानकारी अनुसार डॉ. शर्मा ने पीएचडी को लेकर दो जगह अलग-अलग जानकारी दी थी। मामले में कुलपति ने ज्वाइनिंग से पहले डॉ. नवदीप शर्मा से एफिडेविट लेने का प्रस्ताव रखा। सूत्रों के अनुसार डॉ.नवदीप शर्मा खन्ना के कालेज में कार्यरत हैं। वह पीयू सीनेटर और पंजाबी विभाग में प्रोफेसर योगराज अंगरीश की पत्नी हैं।