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Hindi News ›   Campus ›   private school, satyawan kundu, private school organisation, admission, haryana

नियम 134ए के तहत मुफ्त पढ़ाने को तैयार नहीं निजी स्कूल

Wed, 20 Apr 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Wed, 20 Apr 2016 12:31 AM IST
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स्‍कूल - फोटो : amarujala
प्राइवेट स्कूल संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा है कि अगर सरकार फीस की भरपाई करने के लिए तैयार नहीं है तो प्राइवेट स्कूल संचालक भी 134ए के तहत मुफ्त में दाखिला नहीं देंगे। चाहे सरकार पूरे प्रदेश के स्कूलों की मान्यता रद्द कर दे तो भी स्कूल संचालक पीछे नहीं हटेंगे।
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मंगलवार को एक बयान में कुंडू ने कहा कि प्रदेश सरकार पहले यह स्पष्ट करे कि वह 134ए के तहत दस प्रतिशत गरीब बच्चों की फीस भरपाई के लिए प्रति बच्चा कितने रुपये देने को तैयार है, क्योकि हाईकोर्ट ने भी स्पष्ट कर दिया है कि 134ए के तहत जरूरतमंद बच्चों की फीस सरकार को ही भरनी होगी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्राइवेट स्कूल संचालकों पर गरीब बच्चों को मुफ्त पढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है और मुफ्त न पढ़ाने की सूरत में मान्यता रद्द करने की धमकी दी जा रही है।
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कुंडू ने कहा कि निजी स्कूल गरीब बच्चों को पढ़ाने के हक में हैं, लेकिन वे नहीं चाहते कि इन बच्चों का खर्च अन्य 90 प्रतिशत बच्चों पर पड़े। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों पर सरकार द्वारा 2300 रुपये प्रति महीना प्रति बच्चा खर्च किया जा रहा है तो प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों पर क्यों नहीं? कुंडू ने मांग की कि सरकार इस वर्ष के साथ-साथ पिछले वर्ष 134ए के तहत निजी स्कूलों में पढ़ाए गए बच्चों केलिए 2300 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा केहिसाब से भुगतान करे नहीं तो प्राइवेट स्कूल संचालक सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे।
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