फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Online books will be away the problem.

अब निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ने की बच्चों को नहीं जरूरत

Fri, 15 Apr 2016 12:01 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Fri, 15 Apr 2016 12:01 PM IST
सार

 
  • ऑनलाइन किताबें दूर करेंगी, NCERT किताबों की कमी
  • पब्लिक स्कूल वाले निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ने का नहीं बना सकते दबाव
  • सीबीएसई के ई-पोर्टल से अभिभावक एवं बच्चे डाउनलोड कर सकते हैं एनसीईआरटी की किताबें

विज्ञापन
Online books will be away the problem.
‌किताबें - फोटो : demo pic

विस्तार

केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों एवं सीबीएसई से जुड़े निजी पब्लिक स्कूल अब छात्रों एवं अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ने का दबाव नहीं बना सकेंगे। सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू होने के बाद भी केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय एवं निजी पब्लिक स्कूलों में शिक्षक बाजार में किताबों की कमी बताकर बच्चों पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें थोप देते हैं। 

विज्ञापन


एनसीईआरटी की ओर से 12 अप्रैल को जारी एक सूचना में कहा गया है कि सीबीएसई स्कूलों में जब एनसीईआरटी के पैटर्न से पढ़ाई होती है तो महंगी किताबें थोपकर बच्चों एवं अभिभावकों का शोषण क्यों किया जा रहा है।
विज्ञापन


एनसीईआरटी की कक्षा एक से बारहवीं तक की किताबें नि:शुल्क में ई-सीबीएसई पोर्टल पर उपलब्ध हैं। बाजार में किताबों की कमी होने पर अभिभावक सीबीएसई के पोर्टल से एनसीईआरटी की किताबें डाउनलोड करके निजी प्रकाशकों के शोषण से बच सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

CBSE ने किया सचेत, वेबसाइट से ले ऑनलाइन किताबें

Online books will be away the problem.
‌‌किताबें

सीबीएसई ने छात्रों एवं अभिभावकों को सचेत किया है कि वह सीबीएसई और एनसीईआरटी की वेबसाइट से ऑनलाइन किताबें डाउनलोड करके बाजार में बनी किताबों की कमी दूर कर सकते हैं। 

यह किताबें बाजार में उपलब्ध किताबों से अपडेट हैं। एनसीईआरटी किताबों में होने वाले परिवर्तन को लागू करते रहते हैं। इस कारण से हमेशा नई किताबें मिलती हैं। एनसीईआरटी ने छात्रों एवं अभिभावकों से कहा है कि देश में कई शहरों में उनके सेल्स काउंटर खोले गए हैं। अभिभावक इस काउंटर से अपने बच्चों के लिए किताबें ले सकते हैं। 

एनसीईआरटी ने सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों से कहा है कि वह अपनी आवश्यकता के अनुसार एनसीईआरटी के सेंटर को आर्डर देकर इकट्ठा किताबें मंगा सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed