जेईई मेनः चार साल में सबस नीचे आई कटऑफ
- जेईई एडवांस की कटऑफ ने आसान की सफलता
- गत वर्ष की तुलना में सामान्य की कटऑफ में पांच अंकों की गिरावट
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इंजीनियरिंग के जिस मुकाबले में 13.5 लाख छात्रों के बीच से केवल दो लाख का चयन होना हो, उसकी राह वैसे ही बेहद मुश्किल मानी जाती है। लेकिन, चार साल के बाद पहली बार जेईई एडवांस की कटऑफ में गिरावट आने से राह कुछ आसान हो गई है। गत वर्ष की तुलना में इस साल कटऑफ में पांच अंकों की गिरावट दर्ज की गई है।
जेईई मेन परीक्षा में वर्ष 2013 में सामान्य की कटऑफ 113 अंक थी। तब छात्रों की बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। वर्ष 2014 में सामान्य की कटऑफ चढ़कर 115 पर पहुंच गई। इस बार विशेषज्ञों ने पहले ही कटऑफ 112 से 115 के बीच आंकी थी लेकिन कटऑफ सीधे दस अंक गिरकर 105 पर पहुंच गई।
बंसल क्लासेज के सेंटर मैनेजर राजेंद्र बंसल के मुताकि कटऑफ गिरने के पीछे प्रश्न पत्र का कठिनता का स्तर होने के साथ ही फिजिक्स में गलत सवाल और दो जवाब वाला सवाल भी रहा है।
देखिए, साल दर साल कट ऑफ में कैसे हुए बदलाव
वर्षप्त -- सामान्य--- ओबीसी--- एससी--- एसटी
2013 ---- 113 ---- 70 ---- 50 ---- 45
2014 ---- 115 ---- 75 ---- 55 ---- 47
2015 ---- 105 ---- 70 ---- 50 ---- 44
2016 ---- 100 ---- 70 ---- 52 ---- 48
बोर्ड ने दिए दो सवाल पर बोनस अंक
कुल 360 अंकों की परीक्षा दो हिस्सों में हुई थी। जेईई मेंस ऑफलाइन परीक्षा तीन अप्रैल को ऑफलाइन और 9 व 10 अप्रैल को ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कराई थी। ऑफलाइन परीक्षा फिजिक्स में दो सवाल गलत थे। बोर्ड ने अपनी गलती मानते हुए इन सवालों पर बोनस अंक देने का फैसला किया था। रिजल्ट में इन सवालों पर कुल आठ अंक दिए गए हैं।