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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   HC decides bunch of petitions challenging selection of KAS

खाली पद पर परीक्षार्थी को नौकरी देने के निर्देश

Tue, 05 Apr 2016 02:18 PM IST
जेएनएफ/जम्मू
जेएनएफ/जम्मू Updated Tue, 05 Apr 2016 02:18 PM IST
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HC decides bunch of petitions challenging selection of KAS
- फोटो : demo pics

वर्ष 2009 के केएएस अफसरों के चयन को चुनौती देने वाली एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस जनक राज कोतवाल ने प्रतिवादी को निर्देश दिए कि किसी कारण खाली रहे पद पर याचिका को समायोजित किया जाए। यदि एएलसी वर्ग में किसी चयनित शख्स ने ज्वाइन न किया हो तो उस पर भी उसे लिया जाए। इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। 

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याचिका में जज ने पाया कि आयोग ने विद्यार्थियों की उपेक्षा की और उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। अदालत ने पाया कि आयोग उन्हें पुलिस को छोड़ केएएस के अन्य पदोें पर लेने का प्रयास ही नहीं किया गया, क्योंकि पुलिस के लिए वह पात्र नहीं हैं।
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इतना ही नहीं, उसने अपने ही बयान को काटते हुए कहा कि यदि इन दावेदारों को सूची में स्थान न मिला तो उन्हें कम अंक हासिल करने वाले अभ्यार्थियों के स्थान पर शामिल किया जाएगा। 
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जस्टिस ने पाया कि मेरिट लिस्ट में याची की स्थिति काफी मजबूत है। प्रतिवादी का तर्क है कि यदि पांच साल पहले चुने गए परीक्षार्थी के स्थान पर उन्हें लिया गया तो अपना प्रशिक्षण पूरा कर चुके दावेदारों को हटाना मुश्किल होगा। 

अदालत ने सरकार को निर्देश दिए कि याची को जेएंडके अकाउंट्स सर्विसेज में उसी दिन से समायोजित किया जाए, जब से अन्य परीक्षार्थियों को नौकरी पर लिया गया है। साथ ही याची को वरिष्ठता के भी तमाम लाभ दिए जाएं और यह सारी प्रक्रिया आठ सप्ताह के अंदर पूरी कर ली जाए। 

याचिकाकर्ता विजय कुमार ने एससी वर्ग में आवेदन किया था। इस वर्ग के लिए 16 सीटें आरक्षित थीं। इनमें तीन प्रशासनिक सेवा, तीन अकाउंट्स सेवा और दस पुलिस सेवा की थीं। यदि एससी वर्ग की चयन सूची को देखा जाए तो प्रशासनिक सेवा में तीन के स्थान पर एक परीक्षार्थी को लिया गया। 


अकाउंट्स में तीन के स्थान पर तीन लिए गए, जबकि पुलिस में दस के स्थान पर 12 का चयन किया गया। सरकार का तर्क था कि प्रशासनिक सेवा के लिए आरक्षित तीन पदों में से दो पर ओपन मेरिट में चुने गए एससी परीक्षार्थी को शामिल किया गया, जबकि एक पद पर एससी वर्ग में सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाले को रखा गया। 

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