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अतिथि शिक्षकों ने शुरू किया आमरण अनशन

Wed, 13 Apr 2016 03:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 13 Apr 2016 03:30 AM IST
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guest teachers start hunger strike.
अतिथि शिक्षक - फोटो : AmarUjala

बाहर किए गए शिक्षकों को समायोजित करने, 15 हजार मानदेय का वादा पूरा करने सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अतिथि शिक्षकों ने मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। स्थायी पदों पर तैनाती के बाद दोबारा जिला स्तर पर अतिथि शिक्षकों का पूल तैयार करने के फैसले से खफा शिक्षकों का कहना है कि वह मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

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राजकीय अतिथि शिक्षक संघ की ओर से शिक्षकों ने आंदोलन शुरू किया। इस क्रम में सोमवार को कैंडल मार्च निकालने के बाद मंगलवार को काली पट्टी बांधकर विरोध किया। यह आमरण अनशन बुधवार से शुरू होना था लेकिन मंगलवार को शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की पदोन्नति, एलटी और प्रवक्ता पदों पर तैनाती दस दिन में किए जाने और इसके बाद रिक्त पदों के सापेक्ष अतिथि शिक्षकों का पूल बनाए जाने की घोषणा के बाद अतिथि शिक्षकों ने मंगलवार को ही आमरण अनशन शुरू करने का फैसला लिया।
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उग्र आंदोलन की चेतावनी
फैसले के बाद अतिथि शिक्षक सौरभ विद्वान, आरती उनियाल, नवनीत नेगी, अमृता नौटियाल, दुर्गेश डंडरियाल, भुवन ठाकुर, जयदेव चौहान, चंद्रदेव चौहान, जगत सिंह और हीरा सिंह आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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संघ अध्यक्ष शांतिस्वरूप और महामंत्री कविंद्र सिंह ने कहा कि वह मांग पूरी होने तक आंदोलन को जारी रखेंगे। दूसरी ओर, अतिथि शिक्षकों के बीच पहुंचे मसूरी विधायक गणेश जोशी ने भी शिक्षकों की मांग को सही ठहराते हुए मामले में जल्द राज्यपाल से मिलने का आश्वासन दिया।

उधर, अतिथि शिक्षकों ने राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की। इस मौके पर आंदोलन के अध्यक्ष ललित डंगवाल, देहरादून अध्यक्ष विवेक यादव और संतोष दुबे ने कहा कि वे अंतिम सांस तक अपने हक के लिए लड़ेंगे।

तूल पकड़ रहा नए अतिथि शिक्षकों का मामला

guest teachers start hunger strike.
टीचर - फोटो : file photo

शासन द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में नए अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियों का मामला तूल पकड़ता है। अब भाजपा भी नई नियुक्तियों को लेकर लामबंद नजर आ रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने इस संबंध में मुख्य सचिव से वार्ता की है। उन्होंने मुख्य सचिव को सौंपे पत्र में कहा है कि अतिथि शिक्षकों को पुनर्नियुक्ति दिये बिना ही शासन द्वारा पुन: जनपदवार 2200 नयी निय‌ुक्तियॉ निकाल दी हैं जो पूर्व में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के साथ घोर अन्याय है।

प्रदेश अध्यक्ष का यह भी कहना है कि पूर्व में जारी शासनादेश  में स्पष्ट व्यवस्था की गयी है कि अगले सत्र में इन्हें पुन: पुर्ननियुक्ति दी जाएगी। इसके बावजूद 6214 अतिथि शिक्षकों को बिना पुर्ननियुक्ति दिए ही नयी नियुक्तियां निकाले जाने से इन लोगों का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा।

प्रदेश अध्यक्ष भट्ट का कहना है कि पार्टी अतिथि शिक्षकों के साथ खड़ी है। अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर पैरवी की जाएगी। ऐसे शिक्षकों के साथ किसी भी कीमत पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अतिथि शिक्षकों के लिए हर स्तर की वार्ता की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक मुख्य सचिव शत्रुघभन सिंह ने समस्या के  कोई सार्थक हल का आश्वासन दिया है।

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