अतिथि शिक्षकों को सौगात, अब पूरे सत्र के लिए नियुक्ति
- जनपद स्तरीय मेरिट के आधार पर चयन की नई जारी विज्ञप्ति निरस्त
- 89 दिन के बजाए अब पूरे शिक्षा सत्र तक दी जाएगी तैनाती
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नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति मिलेगी। शासन ने उनके लिए जनपद स्तरीय मेरिट के आधार पर चयन के लिए जारी नई विज्ञप्ति निरस्त कर दी है।
वहीं उनकी 89 दिनों के बजाए नियमित शिक्षक मिलने या एक शिक्षा सत्र, जो भी पहले हो, के लिए स्कूलों में तैनाती की जाएगी। सोमवार को शासन की ओर से इसका शासनादेश जारी किया गया है।
शिक्षा विभाग की ओर से अतिथि शिक्षकों के लिए अब तक शिक्षकों के रिक्त पद न होने की बात की जा रही थी, लेकिन सोमवार को अमर उजाला में गेस्ट टीचरों से संबंधित खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में आया।
शासन ने जारी किया समायोजन का जीओ
विभाग ने भी माना कि नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के बाद अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर समायोजित किया जा सकता है। सोमवार को शासन की ओर से इसका जीओ जारी कर दिया गया है।
शासन की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक एलटी एवं प्रवक्ता के अल्पकालिक रिक्त पदों पर नितांत अस्थायी रूप से विजिटिंग शिक्षकों की व्यवस्था इस अनुबंध के साथ की जाएगी कि उनकी व्यवस्था नियमित शिक्षक के मिलने, प्रथम नियुक्ति पदोन्नति या स्थानांतरण पर नियमित शिक्षक के कार्यभार ग्रहण करने व अवकाश से लौटने या एक शिक्षा सत्र तक जो भी पहले हो तक की जाएगी।
शासनादेश में कहा गया है कि नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के बाद रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों को तैनाती दी जाएगी।
अतिथि शिक्षकों का पुराना होगा बहाल
जनपदस्तरीय मेरिट के आधार पर चयन की नई विज्ञप्ति निरस्त कर दी गई है, नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के बाद समस्त रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों का पुराना पूल बहाल होगा।
-डी सेंथिल पांडियन, शिक्षा सचिव
मैं इस फैसले के लिए राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत का आभार व्यक्त करता हूं। अतिथि शिक्षकों के मामले में उन्होंने मुझे जो आश्वासन दिया, उसे पूरा किया। एक दिन में समस्याओं का अंत नहीं होता, अतिथि शिक्षकों की बड़ी समस्या हल हो गई है, यदि कोई छोटी मोटी रह भी गई है तो उनका समाधान भी हो जाएगा। अब सभी धरना खत्म कर शिक्षा पर फोकस करें।
-भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व सीएम व सांसद नैनीताल