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रुड़की में प्रधानाध्यापक की मौत के बाद 22 दिन 'बंद' रहा स्कूल
ब्यूरो / अमर उजाला, लंढौरा (रुड़की)
Updated Wed, 16 Mar 2016 01:23 PM IST
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सरकारी स्कूल
- फोटो : amar ujala
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लाख कोशिशों के बाद भी उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं।
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परीक्षाओं के चलते छात्र-छात्राओं के लिए इस समय एक-एक दिन बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन प्रधानाध्यापक की मौत के बाद गाधारोणा गांव स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 22 दिनों से बंद है। अन्य शिक्षक और कर्मचारी स्कूल नहीं आ रहे जिससे छात्र-छात्राएं रोजाना लौट रहे हैं।
गाधारोणा गांव में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। इस विद्यालय में कक्षा छह से दस तक के करीब साढ़े तीन सौ बच्चे पढ़ते हैं। इस विद्यालय के प्रधानाध्यापक केडी तिवारी का 22 फरवरी की रात में निधन हो गया था। लेकिन उसके बाद न अन्य शिक्षकों ने विद्यालय खोलने की जरूरत समझी और न शिक्षा विभाग ने इस तरफ कोई ध्यान दिया है।
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चार मार्च को विद्यालय के पांच शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगाई गई है। उसके बाद माध्यमिक विद्यालय में एक कर्मचारी और शिक्षक रहे गए हैं लेकिन तब से किसी ने भी विद्यालय नहीं खोला। बच्चे प्रतिदिन स्कूल आ रहे हैं लेकिन विद्यालय में ताला लटका देख लौट जा रहे हैं। इससे छात्र-छात्राओं का पठन पाठन प्रभावित हो रहा है।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कर विद्यालय खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डीसी डिमरी, खंड शिक्षाधिकारी, नारसन