डॉ. सौदान सिंह बने मेडिकल विवि के नए कुलपति
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हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय को आखिरकार एक साल, दो महीने और 11 दिन के इंतजार के बाद डॉ. सौदान सिंह के रूप में स्थायी कुलपति मिल गया। राज्यपाल डॉ. केके पाल ने नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (नोटो) के निदेशक डॉ. सौदान सिंह को आगामी तीन वर्ष के लिए विवि के कुलपति पद पर नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है।
23 फरवरी 2015 को डॉ. एमसी पंत ने एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय के कुलपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कार्यवाहक कुलपति के तौर पर विवि की जिम्मेदारी श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत को दे दी गई थी। दो बार उनका कार्यकाल भी बढ़ाया गया।
22 नवंबर 2015 को बढ़ा हुआ कार्यकाल पूरा होने के बाद से बतौर कार्यवाहक कुलपति की अतिरिक्त जिम्मेदारी उत्तराखंड तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. पीके गर्ग संभाल रहे थे। बुधवार को राज्यपाल डॉ. केके पाल ने सर्च कमेटी की संस्तुति के आधार पर डॉ. सौदान सिंह को कुलपति पद पर नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए।
वरिष्ठ पदों पर कर चुके हैं काम
डॉ. सौदान वर्तमान में नोटो में निदेशक के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह यूपी सरकार में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक, एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा के प्राचार्य, यूपी रूरल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सैफई के निदेशक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के प्रिंसिपल और डिपार्टमेंट ऑफ कम्यूनिटी मेडिसिन में निदेशक प्रोफेसर व हेड के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। जल्द ही वह विवि में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
विवि एक करने का मामला लटका
तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने उत्तराखंड आयुर्वेद विवि और एचएनबी मेडिकल विवि को मिलाकर एक नया विवि बनाने की घोषणा की थी। नए विवि का एक्ट तैयार करने के लिए दोनों विवि के कुलसचिवों को जिम्मेदारी भी दी गई थी लेकिन सरकार जाने के बाद यह मामला लटक गया है। फिलहाल, नए कुलपति की नियुक्ति से चर्चाएं हैं कि दोनों विवि अलग-अलग ही काम करेंगे।