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सीबीएसई ने गुरुग्राम के दो स्कूलों का ग्रेड घटाया

Fri, 21 Apr 2017 12:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 21 Apr 2017 12:18 PM IST
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CBSE reduced the grade of two schools of Gurugram
school students

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हो गया है। पहले स्कूलों को कामिर्शियल एक्टिविटी बंद करने की हिदायत दी। अब गुरुग्राम के दो स्कूलों का नियमों की अनदेखी के चलते उसकी मान्यता को ग्रेड घटा दिया है। अब दोनों स्कूलों की सीनियर सेकेंड्री लेवल की मान्यता (12वीं) की घटाकर सेकेंड्री लेवल (10वीं) तक कर दी है।

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गुरुग्राम के जिन दो स्कूलों पर यह कार्रवाई हुई है उसमें गुरुग्राम के रवि नगर में स्थित द्रोणा पब्लिक स्कूल और दूसरा गुरुग्राम के ही शीतला कॉलोनी में स्थित ग्यानदीप सीनियर सेकेंड्री स्कूल शामिल है। अब इन दोनों स्कूलों में अप्रैल 2017 से 12वीं क्लास की मान्यता रद्द हो चुकी है। 
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जिन्होंने एक अप्रैल 2017 केबाद 11वीं या 12वीं में दाखिला लिया है वह मान्य नहीं होगा। हालांकि इस वर्ष 11वीं से प्रमोट होकर 12वीं में आएं छात्रों को बोर्ड में बैठने का मौका मिलेगा।  
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सीबीएसई के मुताबिक दोनों स्कूलों पर मान्यता के लिए तय नियमों की अनदेखी की है। दोनों स्कूलों पर आरोप है कि यह अवैध तरीके से अपने स्कूल के बच्चों को दूसरे स्कूल में दिखाते है। 

इंस्पेक्शन के दौरान यह पाया गया तो सीबीएसई ने इसकी जांच की। जांच में सबूतों के साथ इसकी पुष्टि होने पर उनपर यह कार्रवाई की गई है। सीबीएसई ने स्कूलों से किसी भी तरह से दाखिला लेने से पहले स्कूल को मिली मान्यता का स्टेट्स जरूर चेक करे।       


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नांगलोई, नजफगढ़ में स्थित कमल इंटरनेशनल स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है। स्कूल मान्यता 1 अप्रैल 2017 से रद्द मानी जोगी। स्कूल प्रबंधन ने आर्थिक तंगी के चलते इसे चलाने में असमर्थता जाहिर की थी। जिसके बाद सीबीएसई ने आदेश जारी कर मान्यता रद्द कर दी। 


सीबीएसई ने अभिभावकों को इस स्कूल में दाखिला नहीं लेने की सलाह दी है। अगर फिर भी वह दाखिला लेते है तो वह उसके जिम्मेदार खुद होंगे। हालांकि सीबीएसई ने 2016-17 में 9वीं कक्षा में दाखिला लेने वाले छात्रों को राहत दी है। उन्हें दसवीं क्लास में प्रमोट करने के साथ 2018 में होने वाले बोर्ड परीक्षा में बैठने की मंजूरी दी है। मगर 2017-18 में किसी भी दाखिले को वह बोर्ड में बैठने की मंजूरी नहीं देंगे।       

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