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बिना पढ़ाई किए ही स्कूलों से लौट जाते हैं बच्चे
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:11 PM IST
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जम्मू संभाग के समर जोन सरकारी स्कूलों में नया शिक्षा सत्र आरंभ हो चुका हैै, लेकिन अभी तक जम्मू कश्मीर स्टेट बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन जम्मू ज्यादातर स्कूलों में विद्यार्थियों तक पुस्तकें नहीं पहुंचा पाया है। विद्यार्थी स्कूलों में तो पहुंच रहे हैं, लेकिन पुस्तकें न होने के कारण सबको बिना पढ़े ही लौटना पड़ रहा है। पुस्तकें न मिलने के कारण शिक्षक भी काफी परेशान हैं। वहीं बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचाने की प्रक्रिया चल रही है।
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शिक्षा विभाग की तरफ से पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तकें प्रदान की जाती हैं। शिक्षा विभाग ने पुस्तकें तैयार करने और शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंचाने का काम जम्मू कश्मीर स्टेट बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन को सौंपा है।
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बोर्ड से पुस्तकें चीफ एजूकेशन आफिसर तक पहुंचाई जाती हैं। चीफ एजूकेशन आफिसर से पुस्तकें जोनल एजूकेशन आफिसर के कार्यालय में पहुंचती हैं और जोनल एजूकेशन आफिसर कार्यालय से पुस्तकों को स्कूलों तक भेजा जाता है।
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शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले पुस्तकों को स्कूलों तक पहुंचाया जाता है, लेकिन जम्मू संभाग के समर जोन स्कूलों में एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र आरंभ हो चुका है, लेकिन अभी तक ज्यादातर स्कूलों में पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। सरकारी स्कूल के शिक्षक महेश्वर प्रसाद, धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इस समय विद्यार्थियों के लिए स्कूल पिकनिक स्पॉट बने हुए हैं।
क्योंकि पढ़ने और पढ़ाने के लिए पुस्तकें हैं नहीं और विद्यार्थी समय गुजार कर घरों को लौट रहे हैं। कुछ स्कूलों में शिक्षक पुरानी पुस्तकों से पढ़ाकर काम चला रहे हैं, लेकिन विद्यार्थियों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है और शिक्षा विभाग और बोर्ड को इसकी कोई चिंता नहीं है।
जम्मू कश्मीर स्टेट बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन की सेक्रेटरी वीना पंडिता ने बताया कि बोर्ड की तरफ से पुस्तकें भेजने का काम चल रहा है। कुछ स्कूलों में पुस्तकें पहुंचा दी गई हैं और जल्द ही सभी सरकारी स्कूलों में पुस्तकें मौजूद होंगी।