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433 छात्रों के दाखिले निरस्त, विवि हो सकता है ब्लैक लिस्टेड

Sat, 09 Apr 2016 03:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी/देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी/देहरादून Updated Sat, 09 Apr 2016 03:37 PM IST
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433 admission reject in mewar university.
दाखिले निरस्त

दशमोत्तर छात्रवृत्ति में हुए फर्जीवाड़े के मामले में मेवाड़ विश्वविद्यालय में 433 छात्रों का दाखिला निरस्त कर दिया गया है। निरस्त छात्रों की सूची समाज कल्याण निदेशालय को भेजी गई है। समाज कल्याण निदेशक ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर 18 अप्रैल तक जवाब देने को कहा है और ब्लैक लिस्टेड करने की चेतावनी भी दी है। 

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विजिलेंस की टीम ने बृहस्पतिवार को निदेशालय पहुंचकर निदशक विष्णु सिंह धानिक से मुलाकात की थी और सूची की प्रति भी मांगी थी। धानिक ने टीम को सूची की प्रति उपलब्ध करा दी थी। निदेशक धानिक ने बताया कि यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कार्यालय से दाखिला निरस्त करने संबंधी पत्र आया है।
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समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी छात्रवृत्ति घोटाले में 28 मार्च को जांच बैठा दी थी और 28 लोगों के खिलाफ आरसी जारी की थी। विभागीय जांच में पता चला था कि उत्तरकाशी के समाज कल्याण अधिकारी मदन लाल ने बिना सत्यापन के 3.40 लाख रुपये की स्कॉलरशिप जारी कर दी। 
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186 बच्चों को छात्रवृत्ति की धनराशि नहीं दी गई
जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। नैनीताल में 186 बच्चों को दी गई दशमोत्तर छात्रवृत्ति की धनराशि नहीं दी गई। 

मामले की जांच कर रहे विशेष कार्याधिकारी डा. संतोष कुमार शील ने बताया कि चित्तौड़ के अधिकारी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के छात्रों का वेरिफिकेशन कर पांच छात्रों की सूची भेजी थी। इनमें से हरिद्वार से दो को भुगतान किया गया, जबकि दो को भुगतान नहीं हुआ। एक अन्य छात्र को पात्र नहीं पाया गया। 


यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कार्यालय से दाखिला निरस्त करने संबंधी पत्र आया है जिसमें लिखा गया है कि छात्रों के उपस्थित न होने के कारण दाखिला निरस्त किया गया। उन्होंने यूनिवर्सिटी को शो कॉज नोटिस जारी किया है जिसमें कहा गया है कि यूनिवर्सिटी ने जानबूझकर फर्जीवाड़ा किया है ऐसे में क्यों नहीं यूनिवर्सिटी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाए। उन्होंने 18 अप्रैल तक जवाब देने को कहा है।  
विष्णु सिंह धानिक, निदेशक समाज कल्याण

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