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ATM भी होते हैं एक्सपायर, यकीं न हो तो पढ़िए ये रिपोर्ट
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय
Updated Tue, 16 May 2017 03:51 PM IST
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एटीएम
देश की अधिकांश एटीएम मशीन में कैश निकालने वाला डिस्पेंसर सॉफ्टवेयर माइक्रोसॉफ्ट के एक्सपी ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने दो साल पहले ही सपोर्ट बंद कर दिया है। यानी अब ऐसी एटीएम मशीन की ऑनलाइन सुरक्षा खतरे में है। क्योंकि इस ऑपरेटिंग सिस्टम को हैकिंग प्रूफ तथा वायरस प्रूफ बनाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट द्वारा कोई अपडेट नहीं दिया जा रहा है।
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संभावित खतरे को भांपते हुए एटीएम लगाने वाली कंपनी एनसीआर ने मशीनों के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करने का काम शुरू कर दिया गया है। कंपनी विंडोज एक्सपी वाली मशीनों में विंडोज 7 ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल कर रही है।
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कैस्परस्काई लैब के मैनेजिंग डायरेक्टर अल्ताफ हल्दे के मुताबिक देश के 75 फीसदी एटीएम मशीनों में विंडोज एक्सपी ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल है। इसलिए इन मशीनों में वायरस और हैकर्स का खतरा ज्यादा है।
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गौरतलब है कि अक्टूबर महीने में ही देश के लगभग 32 लाख डेबिट कार्ड्स की गोपनीय जानकारी हैकर्स द्वारा हैक कर ली गई थी। इस सिक्योरिटी ब्रीच की अभी भी जांच चल रही है।
बता दें कि देश के अधिकांश एटीएम मशीनों का स्वामित्व बैंकों के पास नहीं, बल्कि पेमेंट टेक्नोलॉजी एंड सर्विस प्रोवाइडर्स कंपनियों के पास है। केवल नई बनाई जा रही एटीएम मशीनों में ही विंडोज 7 ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल है, जिसे माइक्रोसॉफ्ट द्वारा जनवरी 2020 तक सपोर्ट किया जाएगा।
भारत के अलावा, दुनिया के अन्य देशों में एटीएम मशीन की रिप्लेसमेंट अवधि पांच वर्ष है, जबकि भारत में यह समय 10 सालों का है। ऐसे में मशीनों का सॉफ्टवेयर अपडेट करना आवश्यक है।