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रायन स्कूल के मालिक सेबी के रडार पर, फर्जी कंपनी के जरिए किया करोड़ों का घोटाला
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Tue, 12 Sep 2017 09:20 AM IST
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- फोटो : india today
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देश भर में रायन इंटरनेशनल के नाम से स्कूल चेन चलाने वाली कंपनी रायन इंटरनेशनल ग्रुप के ट्रस्टी ग्रेस और ऑगस्टिन पींटो सेबी के रडार पर आ गए हैं। सेबी ने अपनी जांच में पाया है कि दोनों मालिकों ने एक फर्जी फाइनेंस कंपनी के जरिए करोड़ो रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की है।
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इंडिया टुडे वेबसाइट के मुताबिक, रायन इंटरनेशनल ग्रुप सात साल के बच्चे प्रद्युम्न की गुड़गांव स्थित स्कूल में हत्या के बाद सुर्खियों में आया हुआ है।
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ग्रेस और ऑगस्टिन पिंटो ने मुंबई की एक फाइनेंस कंपनी कामालक्क्षी लिमिटेड में 50 लाख रुपये का निवेश किया था। इस 50 लाख के निवेश पर एक साल के भीतर 32 करोड़ रुपये से अधिक की लॉन्ड्रिंग की थी। सेबी ने बाद में इस कंपनी को स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने से बैन कर दिया था।
इस तरह से किया था घोटाला
कामालक्ष्मी ने कुछ खास 137 लोगों को प्रिफेंशियल शेयर दिए थे। यह ऐसे शेयर होते हैं, जिनको स्टॉक मार्केट में ट्रेड नहीं किया जा सकता है। कंपनी ने इन शेयरों को 10.20 रुपये प्रति शेयर की दर से दिया था। रायन के मालिक ग्रेस और ऑगस्टिन पिंटो ने 5 लाख शेयर खरीदे और इसके लिए 1 करोड़ रुपये का निवेश किया।
सेबी ने अपनी जांच में पाया कि कंपनी के शेयर की कीमत को जनवरी 2014 से लेकर के दिसंबर 2014 के बीच में आर्टिफिशियल तरीके से 4694 फीसदी तक बढ़ाया गया। एक साल में इस शेयर का प्राइस 10.20 से बढ़कर 489 रुपये हो गया। इस तरह पिंटो दंपत्ति ने एक साल में 32.20 करोड़ रुपये की अवैध तरीके से कमाई की थी।
टैक्स नहीं देने के लिए अपनाया ये तरीका
इस कमाई पर टैक्स न देना पड़े, इसके लिए कंपनी के निवेशकों लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को हथियार बनाया। कैपिटल गेन टैक्स एक साल से अधिक समय तक शेयर रखने पर नहीं लगता है। अगर इस तरीके का इस्तेमाल नहीं करते तो फिर 20 फीसदी टैक्स देना पड़ता।
सेबी ने अपनी जांच में पाया कि कंपनी ने अपनी तीन साल की वार्षिक रिपोर्ट में भी प्रॉफिट को कम दिखाया था। फिलहाल सेबी ने कंपनी के स्टॉक मार्केट में ट्रेड करने पर रोक लगा दी है और मामला इनकम टैक्स विभाग को सौंप दिया है। इस बीच रोक लगने के बाद कामालक्ष्मी ने भी अपना बदल कर ग्रोमोट्रेड एंड कंसलटेंट रख लिया है।