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RBI पॉलिसी: अभी नहीं घटेगी EMI, घटेगी महंगाई और बढ़ेगी विकास दर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Thu, 05 Apr 2018 06:32 PM IST
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RBI Governor Urjit Patel, RBI deputy Governors NS Vishwanathan, BP Kanungo and Viral V Acharya
- फोटो : PTI
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मकान, मोटर कार या किसी अन्य तरह के लोन की मासिक किस्त (ईएमआई) में बदलाव की आस लगाए लोगों को फिलहाल खुश या चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी द्विमासिक नीतिगत दरों की समीक्षा में मुख्य ब्याज दरों को यथावत रखा है।
रेपो दर को छह फीसदी पर और रिवर्स रेपो दर को 5.75 फीसदी पर यथावत रखा गया है। नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) चार फीसदी पर, जबकि संविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) 19.5 फीसदी पर बरकरार है। हालांकि, रिजर्व बैंक ने इस साल महंगाई की दरों में कमी, जबकि विकास दर में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है।
महंगाई दर घटेगी
इस वर्ष फरवरी और मार्च में सब्जी-फल और खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के रुख को देखकर एवं कुछ अन्य कारकों के आधार पर रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2018-19 में खुदरा महंगाई दर के अनुमान को घटा दिया है। रिजर्व बैंक के आउटलुक के मुताबिक, इस वर्ष पहली छमाही के लिए खुदरा महंगाई दर 4.7 फीसदी से 5.1 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है।
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इससे पहले इसके 5.1 फीसदी से 5.6 फीसदी के बीच रहने का अनुमान जताया गया था। इस वर्ष की दूसरी छमाही के लिए 4.4 फीसदी का अनुमान है, जो पहले 4.5 से 4.6 फीसदी के बीच था।
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रेपो दर को छह फीसदी पर और रिवर्स रेपो दर को 5.75 फीसदी पर यथावत रखा गया है। नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) चार फीसदी पर, जबकि संविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) 19.5 फीसदी पर बरकरार है। हालांकि, रिजर्व बैंक ने इस साल महंगाई की दरों में कमी, जबकि विकास दर में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है।
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महंगाई दर घटेगी
इस वर्ष फरवरी और मार्च में सब्जी-फल और खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी के रुख को देखकर एवं कुछ अन्य कारकों के आधार पर रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2018-19 में खुदरा महंगाई दर के अनुमान को घटा दिया है। रिजर्व बैंक के आउटलुक के मुताबिक, इस वर्ष पहली छमाही के लिए खुदरा महंगाई दर 4.7 फीसदी से 5.1 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है।
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इससे पहले इसके 5.1 फीसदी से 5.6 फीसदी के बीच रहने का अनुमान जताया गया था। इस वर्ष की दूसरी छमाही के लिए 4.4 फीसदी का अनुमान है, जो पहले 4.5 से 4.6 फीसदी के बीच था।
बढ़ेगी आर्थिक विकास दर
आरबीआई
रिजर्व बैंक का आकलन है कि इस समय दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था में भी निवेश में बढ़ोतरी होने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। यही नहीं, पूंजीगत वस्तुओं का उत्पादन बढ़ रहा है, आयात बढ़ रहा है और इसके साथ साथ वैश्विक मांग भी बढ़ रही है। इसे देखकर ही रिजर्व बैंक ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत से निर्यात और निवेश भी बढ़ेगा।
इसलिए बैंक ने वर्ष 2018-19 के लिए विकास दर अनुमान 7.2 फीसदी से बढ़ाकर 7.4 फीसदी कर दिया है। रिजर्व बैंक का कहना है कि इस वर्ष पहली छमाही में अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.3 फीसदी से 7.4 फीसदी रहेगी, जबकि दूसरी छमाही में 7.3 फीसदी से 7.6 फीसदी के बीच।
बहुमत से हुआ दरें यथावत रखने पर फैसला
रिजर्व बैंक के मुताबिक, एमपीसी की इस बैठक में पांच सदस्यों डॉ. चेतन घाटे, डॉ. पम्मी दुआ, डॉ. रविंद्र ढोलकिया, डॉ. विराल आचार्य, डॉ. उर्जित पटेल ने नीतिगत दरों को यथावत रखने का मंतव्य जताया, जबकि एक सदस्य, डॉ. एम देबब्रत पात्रा ने इसमें चौथाई फीसदी की बढ़ोतरी के पक्ष में वोट किया था। इस लिहाज से फैसला बहुमत से हुआ।
इसलिए बैंक ने वर्ष 2018-19 के लिए विकास दर अनुमान 7.2 फीसदी से बढ़ाकर 7.4 फीसदी कर दिया है। रिजर्व बैंक का कहना है कि इस वर्ष पहली छमाही में अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.3 फीसदी से 7.4 फीसदी रहेगी, जबकि दूसरी छमाही में 7.3 फीसदी से 7.6 फीसदी के बीच।
बहुमत से हुआ दरें यथावत रखने पर फैसला
रिजर्व बैंक के मुताबिक, एमपीसी की इस बैठक में पांच सदस्यों डॉ. चेतन घाटे, डॉ. पम्मी दुआ, डॉ. रविंद्र ढोलकिया, डॉ. विराल आचार्य, डॉ. उर्जित पटेल ने नीतिगत दरों को यथावत रखने का मंतव्य जताया, जबकि एक सदस्य, डॉ. एम देबब्रत पात्रा ने इसमें चौथाई फीसदी की बढ़ोतरी के पक्ष में वोट किया था। इस लिहाज से फैसला बहुमत से हुआ।