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LPG की तरह रेलवे में भी Give it up स्कीम, टिकट बुक कराने पर देना होगा पूरा पैसा
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:27 AM IST
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- फोटो : Getty
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अब रेल में यात्रा करने पर आपको टिकट का पूरा पैसा देना होगा। एलपीजी में जारी गिव इट अप योजना को रेल मंत्रालय भी लागू करने पर विचार कर रहा है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे बोर्ड को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
रिजर्वेशन करते वक्त दिया जाएगा विकल्प
इस स्कीम के तहत रेल यात्रियों को आरक्षण के वक्त सब्सिडी छोड़ने का विकल्प दिया जाएगा। रेल मंत्रालय को उम्मीद है कि उसकी इस योजना को एलपीजी की तरह ही लोगों का समर्थन मिलेगा।
घरेलू गैस पर सब्सिडी छोड़ने की इस स्वैच्छिक योजना को लाए जाने के बाद अब तक करीब एक करोड़ उपभोक्ताओं ने अपनी सब्सिडी छोड़ दी है। फिलहाल आरक्षित श्रेणियों में प्रत्येक यात्री को 43 फीसदी सब्सिडी दी जाती है।
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रिजर्वेशन करते वक्त दिया जाएगा विकल्प
इस स्कीम के तहत रेल यात्रियों को आरक्षण के वक्त सब्सिडी छोड़ने का विकल्प दिया जाएगा। रेल मंत्रालय को उम्मीद है कि उसकी इस योजना को एलपीजी की तरह ही लोगों का समर्थन मिलेगा।
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घरेलू गैस पर सब्सिडी छोड़ने की इस स्वैच्छिक योजना को लाए जाने के बाद अब तक करीब एक करोड़ उपभोक्ताओं ने अपनी सब्सिडी छोड़ दी है। फिलहाल आरक्षित श्रेणियों में प्रत्येक यात्री को 43 फीसदी सब्सिडी दी जाती है।
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इस व्यक्ति से मिला रेलवे को आइडिया
रेलवे को सब्सिडी छोड़ने का आइडिया रेलवे को फरीदाबाद निवासी अवतार कृष्ण खेर से मिला है। खेर ने आईआरसीटीसी की वेबसाइट के जरिए अपना रेल टिकट बुक कराया था। खेर ने अपनी यात्रा के दौरान मिली सब्सिडी के बदले में 950 रुपये का चेक बनाकर रेलवे को भेज दिया। इसी के बाद रेलवे को यह आइडिया आया।
रेलवे जल्द लागू करने वाली है योजना
इसे लागू करने की जल्दबाजी इसलिए है, क्योंकि इस समय रेलवे की वित्तीय हालत खराब है और इसका ऑपरेटिंग रेशियो 110 से भी ऊपर चला गया है। नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबराय की अध्यक्षता वाली एक कमेटी ने पिछले साल ही ऐसा करने की सलाह दी है।
सरकार से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे समाज के विभिन्न वर्गों को रेल यात्रा में छूट के जरिये सब्सिडी देता है, जो कि किराये के दस फीसदी से लेकर शत-प्रतिशत तक होता है।
सरकार की योजना है कि किराये में छूट लेने वाला व्यक्ति पहले पूरा पैसा देकर टिकट कटाये और बाद में आधार कार्ड के डाटाबेस का उपयोग करते हुए लाभार्थी के बैंक खाते में सब्सिडी की रकम हस्तांतरित कर दी जाए। यह व्यवस्था वैसे ही काम करेगी जैसे कि घरेलू रसोई गैस के कनेक्शन में डीबीटी के जरिये सब्सिडी दी जा रही है।
प्रधानमंत्री कार्यालय से रखी जा रही नजर
वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस बारे में रेल मंत्रालय को पिछले साल ही पत्र भेजा जा चुका है और अभी तक कुछ बैठकें हो चुकी हैं। इस पूरी योजना का सूत्रधार प्रधानमंत्री कार्यालय है और वहीं से इस पर नजर रखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि सब ठीक रहा तो अगले वित्त वर्ष में इस योजना को अमली जामा पहना दिया जाएगा।
रेलवे जल्द लागू करने वाली है योजना
इसे लागू करने की जल्दबाजी इसलिए है, क्योंकि इस समय रेलवे की वित्तीय हालत खराब है और इसका ऑपरेटिंग रेशियो 110 से भी ऊपर चला गया है। नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबराय की अध्यक्षता वाली एक कमेटी ने पिछले साल ही ऐसा करने की सलाह दी है।
सरकार से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे समाज के विभिन्न वर्गों को रेल यात्रा में छूट के जरिये सब्सिडी देता है, जो कि किराये के दस फीसदी से लेकर शत-प्रतिशत तक होता है।
सरकार की योजना है कि किराये में छूट लेने वाला व्यक्ति पहले पूरा पैसा देकर टिकट कटाये और बाद में आधार कार्ड के डाटाबेस का उपयोग करते हुए लाभार्थी के बैंक खाते में सब्सिडी की रकम हस्तांतरित कर दी जाए। यह व्यवस्था वैसे ही काम करेगी जैसे कि घरेलू रसोई गैस के कनेक्शन में डीबीटी के जरिये सब्सिडी दी जा रही है।
प्रधानमंत्री कार्यालय से रखी जा रही नजर
वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस बारे में रेल मंत्रालय को पिछले साल ही पत्र भेजा जा चुका है और अभी तक कुछ बैठकें हो चुकी हैं। इस पूरी योजना का सूत्रधार प्रधानमंत्री कार्यालय है और वहीं से इस पर नजर रखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि सब ठीक रहा तो अगले वित्त वर्ष में इस योजना को अमली जामा पहना दिया जाएगा।
एलपीजी सब्सिडी की तरह ही मिलेगी सब्सिडी
यात्रियों को कैसे मिलेगी सब्सिडी, इस सवाल पर अधिकारी ने बताया कि टिकट बुकिंग के समय यात्रियों को पूरा किराया देना होगा। उसी समय काउंटर पर आधार नंबर भी देना होगा, जिससे रेलवे के पास यात्री का खाता नंबर, नाम, पता सब कुछ पहुंच जाएगा।
यात्रा पूरी होने के बाद टिकट पर जितनी सब्सिडी की रकम बनेगी, उसे खाते में भेज दिया जाएगा। यह उसी तरह है, जैसे रसोई गैस सिलेंडर लेते वक्त डिलीवरीमैन को पूरा पैसा देना होता है और सब्सिडी की रकम खाते में भेज दी जाती है।
डीबीटी लागू होने से लोगों को होंगी असुविधाएं भी
रेल यात्रा में डीबीटी लागू होने से भले ही रेलवे को फायदा हो, लेकिन इससे वरिष्ठ नागरिकों, विकलांगों, विभिन्न प्रकार की असाध्य बीमारियों से ग्रसित लोगों या अन्य श्रेणी में छूट पाने वाले यात्रियों को परेशानी भी होगी। अभी ऐसे व्यक्ति किराये में छूट लेने के लिए टिकट खिड़की पर प्रमाण-पत्र पेश करते हैं और उन्हें हाथों-हाथ छूट मिलती है। डीबीटी लागू होने पर पहले उन्हें पूरे किराये का भुगतान करना होगा और यात्रा पूरी होने के बाद उनके खाते में सब्सिडी का हस्तांतरण होगा।
यात्रा पूरी होने के बाद टिकट पर जितनी सब्सिडी की रकम बनेगी, उसे खाते में भेज दिया जाएगा। यह उसी तरह है, जैसे रसोई गैस सिलेंडर लेते वक्त डिलीवरीमैन को पूरा पैसा देना होता है और सब्सिडी की रकम खाते में भेज दी जाती है।
डीबीटी लागू होने से लोगों को होंगी असुविधाएं भी
रेल यात्रा में डीबीटी लागू होने से भले ही रेलवे को फायदा हो, लेकिन इससे वरिष्ठ नागरिकों, विकलांगों, विभिन्न प्रकार की असाध्य बीमारियों से ग्रसित लोगों या अन्य श्रेणी में छूट पाने वाले यात्रियों को परेशानी भी होगी। अभी ऐसे व्यक्ति किराये में छूट लेने के लिए टिकट खिड़की पर प्रमाण-पत्र पेश करते हैं और उन्हें हाथों-हाथ छूट मिलती है। डीबीटी लागू होने पर पहले उन्हें पूरे किराये का भुगतान करना होगा और यात्रा पूरी होने के बाद उनके खाते में सब्सिडी का हस्तांतरण होगा।