प्रॉपर्टी खरीदने में बढ़ा पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का दखल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियल्टी से संबंधित फैसले लेने में महिलाओं की सक्रिय भूमिका बढ़ रही है। महिलाएं किराये पर मकान लेने के लिए पुरुषों से कहीं अधिक ऑनलाइन सर्च करती हैं। हाउसिंग डॉट कॉम तथा मकान डॉट कॉम ने अपने अध्ययन में यह बात कही है।
अध्ययन के मुताबिक, हालांकि संपत्तियों की खरीद से जुड़े फैसले लेने के मामले में महिलाओं की तुलना में पुरुष थोड़ा आगे हैं। संपत्ति से संबंधित फैसले लेने में 18 साल से 34 साल की आयु के बीच की महिलाओं की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। संपत्तियों की ऑनलाइन तलाश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का कारण उनकी बढ़ती वित्तीय स्वतंत्रता है।
संपत्तियों को खरीदने या किराये पर लेने को लेकर ऑनलाइन सर्च के दौरान पुरुषों व महिलाओं के बीच स्वभाव संबंधी अंतर के अध्ययन के लिए दोनों पोर्टल ने अपने प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की गतिविधियों से जुड़े आंकड़ों को इकट्ठा किया और उनकी समीक्षा की।
मकान डॉट कॉम मूलत: रिसेल प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री का काम करती है, जबकि हाउसिंग डॉट कॉम का इस्तेमाल डेवलपर तथा ब्रोकर दोनों ही करते हैं।
पुरुषों की हिस्सेदारी घटी
अध्ययन के मुताबिक, प्रॉपर्टी की ऑनलाइन तलाश करने वाली महिला उपयोगकर्ताओं की संख्या में उल्लेखनीय रूप से इजाफा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रॉपर्टी की ऑनलाइन तलाश के लिए साल 2016 में दोनों पोर्टल पर बिताए गए कुल समय में महिलाओं की हिस्सेदारी 51 फीसदी, जबकि पुरुषों की हिस्सेदारी 49 फीसदी रही थी। जबकि, साल 2018 में अब तक यह आंकड़ा क्रमश: 54 फीसदी तथा 46 फीसदी है। इस तरह पुरुषों की हिस्सेदारी में कमी आई है।
दो साल में 6 फीसदी का इजाफा
जहां तक संपत्ति की खरीद के लिए ऑनलाइन सर्च की बात है, तो इसमें महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। दोनों पोर्टल पर बिताए गए समय में महिलाओं की हिस्सेदारी साल 2016 के 40 फीसदी से बढ़कर साल 2018 में अब तक 46 फीसदी पर पहुंच गई है।
हाउसिंग डॉट कॉम, मकान डॉट कॉम तथा प्रोपटाइगर डॉट कॉम के मुख्य उत्पाद प्रौद्योगिकी अधिकारी रवि भूषण ने कहा कि संपत्तियों को किराये पर लेने तथा उनकी खरीद करने को लेकर फैसले लेने के मामले में हम महिलाओं की भूमिका बढ़ती हुई देख रहे हैं। महिलाएं दिन-प्रतिदिन वित्तीय रूप से स्वतंत्र हो रही हैं, जिसके कारण संपत्ति से संबंधित मामलों में फैसले लेने में उनकी भूमिका बढ़ रही है, चाहे उन्हें अकेले रहना हो या अपने परिवार के साथ।
आधुनिक महिलाओं को रियल्टी की समझ
रवि भूषण ने कहा कि फैसले लेने के पैटर्न पर बारीकी से गौर करें, तो हमें यह संकेत मिलता है कि रियल्टी संबंधित फैसले लेने में आधुनिक महिलाएं बेहद सक्रिय और शामिल हैं, जो एक समझदार व स्वतंत्र आधुनिक महिला के विशिष्ट लक्षणों को दर्शाता है।
अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि महिलाएं न केवल किराये पर घर लेने के लिए उन्हें शॉर्टलिस्ट या उनका चयन कर रही हैं, बल्कि इसके लिए लेनदेन में भी उनकी भागीदारी बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, किराये पर संपत्ति लेने के लिए महिलाओं द्वारा ब्रोकरों या मकान मालिकों को अपना कॉन्टैक्ट इन्फॉर्मेशन देने की संभावना अधिक होती है। वहीं, पुरुष इस मामले में महिलाओं से थोड़ा ही आगे हैं। संपत्तियों की खरीद में पुरुषों की हिस्सेदारी 51 फीसदी है। यह अध्ययन दोनों पोर्टल के औसत 1.5 करोड़ मासिक उपयोगकर्ताओं के आंकड़ों पर आधारित है।