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जेपी ग्रुपः फ्लैट खरीदने वाले 32 हजार बॉयर्स की गुहार पर SC 4 सितंबर से करेगा सुनवाई
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Thu, 24 Aug 2017 01:41 PM IST
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jaypee greens
- फोटो : social media
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जेपी ग्रुप से फ्लैट खरीदने वाले 32 हजार बॉयर्स ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि वो नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल की इलाहाबाद बेंच के दिवालिया घोषित करने के फैसले पर तत्काल रोक लगाएं। बॉयर्स ने चीफ जस्टिस जे एस खेहर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की बेंच के सामने याचिका दायर करके जल्द सुनवाई करने को कहा है।
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पढ़ें- जेपी इंफ्राटेक दिवालिया घोषित, विश टाउन समेत कई प्रोजेक्ट्स में फंसा हजारों निवेशकों का पैसा
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दोनों जजों की बेंच ने याचिका स्वीकार करते हुए गुरुवार को इस पर सुनवाई करने की सहमति दे दी है। हालांकि कोर्ट ने फिलहाल सुनवाई 4 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है।
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Supreme Court adjourns hearing on home buyers plea challenging insolvency order against Jaypee Infratech; next date of hearing 4 Sept
— ANI (@ANI) August 24, 2017
बॉयर्स की तरफ से याचिका दायर करते हुए सीनियर वकील अजीत के सिन्हा ने कहा कि एनसीएलटी के आदेश के बाद कार्पोरेट मंत्रालय ने घर खरीदने वाले बॉयर्स से दिवालिया कानून के सेक्शन 14 के तहत एक फॉर्म भरने के लिए कहा है। अगर बॉयर्स यह फॉर्म भर देते हैं तो फिर वो किसी भी उपभोक्ता अदालत में कंपनी के खिलाफ केस दर्ज नहीं कर पाएंगे।
प्राधिकरण के पास है जमीन का मौलिक अधिकार
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में दी गई जमीन 90 साल की लीज पर है। लीज होल्ड होने के कारण मालिकाना हक प्राधिकरणों के पास ही है।ऐसे में कोई भी बैंक या संस्था तब तक यहां की किसी भी संपत्ति की नीलामी नहीं कर सकती, जब तक कि प्राधिकरण से एनओसी न ले ले। प्राधिकरणों का कहना है कि किसी भी संपत्ति की नीलामी की अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्राधिकरण और खरीदारों का पैसा न डूबे।
ऐसे में अगर जेपी इंफ्राटेक के नाम पर आवंटित संपत्ति की नीलामी का आदेश होता है तो भी प्राधिकरण की मर्जी के बिना बैंक नीलामी नहीं कर सकेगा। यमुना प्राधिकरण के मुताबिक जेपी इंफ्राटेक के नाम पर यमुना एक्सप्रेसवे ही है। नोएडा में स्थित एलएफडी वन (विश टाउन, अमन आदि) आदि भी जेपी इंफ्राटेक के नाम पर है।
यमुना की तरह नोएडा में भी प्राधिकरण की एनओसी के बिना किसी भी संपत्ति की नीलामी नहीं हो सकती है।