फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Property ›   rera to be applicable on old projects too, orders bombay high court

RERA के तहत आएंगे अभी चल रहे बिल्डरों के प्रोजेक्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया बायर्स के पक्ष में फैसला

Thu, 07 Dec 2017 01:57 PM IST
amarujala.com- Written by: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Written by: अनंत पालीवाल Updated Thu, 07 Dec 2017 01:57 PM IST
विज्ञापन
rera to be applicable on old projects too, orders bombay high court
bombay high court

घर खरीदने वालों को बड़ी राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि बिल्डरों के पहले से चल रहे प्रोजेक्ट भी रेरा कानून के दायरे में आएंगे। इससे पहले केवल वो ही प्रोजेक्ट रेरा कानून के दायरे में थे जो कि कानून के लागू होने के बाद शुरू हुए थे। 

विज्ञापन


पूरे देश में लागू होगा ये फैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट का यह फैसला पूरे देश में सभी बिल्डर्स पर लागू होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने रेरा को संवैधानिक मान्यता देते हुए कहा कि यह कानून घर खरीदने की प्रक्रिया को काफी पारदर्शी और तेज बनाएगा। 
विज्ञापन


बिल्डरों को भी दी राहत
हाईकोर्ट ने बायर्स के साथ ही बिल्डरों को थोड़ी सी राहत देते हुए कहा है कि वो किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने में हो रही देरी पर किन्हीं जरूरी कारणों के कारण अतिरिक्त समय मांग सकते हैं। यह रेरा अथॉरिटी पर निर्भर करेगा कि वो इसके लिए समय देती है या नहीं। इसमें बिल्डर को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए तय एक साल के बाद का अतिरिक्त समय मिल सकेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने दिया था हाईकोर्ट को निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने इस साल सितंबर में बॉम्बे हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि वो रेरा के खिलाफ बिल्डरों द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई करें। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने देश भर की अन्य अदालतों में इस कानून के खिलाफ हो सुनवाई पर रोक लगा दी थी। 

सेक्शन 3 के खिलाफ दी थी याचिका

rera to be applicable on old projects too, orders bombay high court

बिल्डर्स ने रेरा कानून के सेक्शन 3 को लेकर आपत्ति जताई थी। इस सेक्शन के तहत बिल्डरों को उन प्रॉजेक्ट का रजिस्ट्रेशन कराना भी अनिवार्य है, जिनका कंप्लीशन सर्टिफिकेट 1 मई, 2018 या उसके बाद मिलना है। 

इसके अलावा बिल्डर्स ने एक्ट के कुछ अन्य प्रावधानों को भी खत्म करने की मांग की थी। इनमें बायर्स से मिली रकम का 70 फीसदी हिस्से को एक अलग बैंक अकाउंट में जमा करना और प्रोजेक्ट की डेडलाइन को एक साल से अधिक न बढ़ाना। पूर्व में तय की गई तारीख पर प्रोजेक्ट की डिलिवरी न कर पाने पर बायर्स को जुर्माना देने के नियम पर भी बिल्डर्स को आपत्ति है। 

यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में होम बायर्स को मिलेगी मदद 
हाई कोर्ट की ओर से बुधवार को दिए गए फैसले के बाद यूपी, तेलंगाना, महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के होम बायर्स राज्य सरकार के उन नियमों को चुनौती दे सकेंगे, जिनके तहत बिल्डर्स को प्रॉजेक्ट्स में देरी पर राहत दी गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed