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#GSTeffect: रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बूस्ट, अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट होंगे सस्ते
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
Updated Sat, 01 Jul 2017 07:02 AM IST
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फ्लैट
- फोटो : amar ujala
जीएसटी के लागू होने के बाद सबसे ज्यादा खुशी बिल्डर्स को हुई है। डेवलपर्स का मानना है कि इससे अभी बन रहे मकान या फिर फ्लैट को लेने वाले लोगों को फायदा होगा। इससे उन्हें मकान खरीदते वक्त देने वाले वैट, एक्साइज, सीएसटी नहीं देनी पड़ेगी।
अब केवल 12 फीसदी जीएसटी देना होगा, जिसके चलते मकान सस्ते हो जाएंगे। डेवलपर्स का मानना है कि मकान तभी सस्ते होंगे जब सरकार इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ बिल्डरों को देगी।
इस मसले को लेकर के amarujala.com ने देश के प्रमुख बिल्डरों से बात की । सभी बिल्डरों ने कहा कि जीएसटी के आने से वो मकान और फ्लैट सस्ते हो जाएंगे, जो फिलहाल बन रहे हैं। हालांकि जिन फ्लैट का पजेशन मिलना शुरू हो गया है उन बॉयर्स को इसका लाभ कम ही मिलने की उम्मीद है।
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अब केवल 12 फीसदी जीएसटी देना होगा, जिसके चलते मकान सस्ते हो जाएंगे। डेवलपर्स का मानना है कि मकान तभी सस्ते होंगे जब सरकार इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ बिल्डरों को देगी।
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इस मसले को लेकर के amarujala.com ने देश के प्रमुख बिल्डरों से बात की । सभी बिल्डरों ने कहा कि जीएसटी के आने से वो मकान और फ्लैट सस्ते हो जाएंगे, जो फिलहाल बन रहे हैं। हालांकि जिन फ्लैट का पजेशन मिलना शुरू हो गया है उन बॉयर्स को इसका लाभ कम ही मिलने की उम्मीद है।
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रियल्टी मार्केट में आएगी ट्रांसपेरेंसी
इरोज ग्रुप के डायरेक्टर अवनीश सूद ने कहा कि इससे देश के रियल्टी मार्केट में काफी ट्रांसपेरेंसी आने की उम्मीद है। हालांकि अभी कुछ महीने बिल्डरों के लिए थोड़ी बहुत दिक्कतें आएंगी, लेकिन लंबे वक्त में इसका फायदा मिलेगा।
बिल्डरों की संस्था क्रेडाई नेशनल के वीपी और गौड़संस के एमडी मनोज गौड़ ने कहा कि जीएसटी के लागू होने से बिल्डर और कस्टमर दोनों को फायदा होने की उम्मीद है। टैक्स रेट कम होने से कंस्ट्रक्शन की लागत कम हो जाएगी।
क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के प्रेसीडेंट और गुलशन होम्ज के डायरेक्टर दीपक कपूर ने कहा कि जीएसटी से टैक्स चोरी करने वालों का आसानी से पता चल सकेगा। मुनाफाखोरी पर लगाम लगने के कारण बिल्डर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ बॉयर्स को दे सकेंगे।
इससे रियल इस्टेट में फ्रेश डिमांड बनी रहेगी। रेरा के आने से अगले 2 सालों में रियल इस्टेट काफी बदल जाएगा। जीएसटी में एक टैक्स होने के कारण विदेशी निवेशक भी आकर्षित होंगे, क्योंकि इससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश होने की काफी उम्मीद है।
बिल्डरों की संस्था क्रेडाई नेशनल के वीपी और गौड़संस के एमडी मनोज गौड़ ने कहा कि जीएसटी के लागू होने से बिल्डर और कस्टमर दोनों को फायदा होने की उम्मीद है। टैक्स रेट कम होने से कंस्ट्रक्शन की लागत कम हो जाएगी।
क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के प्रेसीडेंट और गुलशन होम्ज के डायरेक्टर दीपक कपूर ने कहा कि जीएसटी से टैक्स चोरी करने वालों का आसानी से पता चल सकेगा। मुनाफाखोरी पर लगाम लगने के कारण बिल्डर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ बॉयर्स को दे सकेंगे।
इससे रियल इस्टेट में फ्रेश डिमांड बनी रहेगी। रेरा के आने से अगले 2 सालों में रियल इस्टेट काफी बदल जाएगा। जीएसटी में एक टैक्स होने के कारण विदेशी निवेशक भी आकर्षित होंगे, क्योंकि इससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश होने की काफी उम्मीद है।