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डूब सकती हैं रियल एस्टेट सेक्टर की कई कंपनियां, 12.9 खरब की है देनदारी

Mon, 25 Feb 2019 05:25 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Mon, 25 Feb 2019 05:25 PM IST
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real estate sector may become insolvent has having debt of 1.29 trillion rupees

देश में कार्यरत रियल एस्टेट सेक्टर की कई छोटी-बड़ी कंपनियां डूबने की कगार पर हैं। इसकी वजह से इन कंपनियों को लोन देने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) भी बंद हो सकती है। रियल एस्टेट सेक्टर पर इस वक्त कुल 1.29 खरब रुपये की देनदारी है, जिसे वो चुका नहीं पा रही हैं। 

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नहीं बिक रहे हैं मकान

रिसर्च फर्म लियासेस फोरस के मुताबिक पूरे देश में डेवलपर्स द्वारा तैयार किए गए मकानों की बिक्री न के बराबर हो रही है। 11 हजार कंपनियों पर रिसर्च करने के बाद लियासस ने कहा कि कंपनियों के पास प्रोजेक्ट को पूरा करने और आगे के लिए लोन लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पैसा नहीं होने की वजह से कई कंपनियों के प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। 

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एक साल से नहीं चुका पा रही किश्त

रियल एस्टेट कंपनियों ने जिन एनबीएफसी कंपनियों से लोन ले रखा है उनको पिछले एक साल से समय पर किश्त का भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। हालांकि एनबीएफसी कंपनियां इस बारे में किसी तरह की कोई बात नहीं कर रही थीं। 

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कई बड़ी कंपनियां हुई दिवालिया

पिछले दो सालों में कई बड़ी और नामचीन रियल इस्टेट कंपनियां दिवालिया घोषित हो चुकी हैं। इनमें यूनिटेक के एमडी को गिरफ्तार और आम्रपाली व जेपी ग्रुप को दिवालिया घोषित कर दिया गया है। इन कंपनियों के अधूरे प्रोजेक्ट्स को अब एनबीसीसी पूरा करने जा रही है। 

यहां पड़ा सबसे बुरा असर

सबसे ज्यादा बुरा हाल दिल्ली एनसीआर के अलावा मुंबई में पड़ा है। दिल्ली एनसीआर के कई डेवलपर्स जेल में हैं और काफी लोगों के खिलाफ विभिन्न अदालतों में मुकदमा चल रहा है। मुंबई में फ्लैट्स की कीमतों में लगातार दूसरे साल गिरावट देखी गई। हालांकि दक्षिण भारत में तब भी स्थिति काफी हद तक ठीक है। 

सस्ते होंगे घर

अगर इसी तरह की हालत इस वित्त वर्ष में रही तो फिर अनुमान है कि अगले तीन सालों में ही देश के आठ बड़े शहरों में मकानों की कीमतों में कमी देखने को मिलेंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि डेवलपर्स ने फिलहाल जितने फ्लैट्स तैयार कर दिए हैं, उनको बिकने में इतना वक्त लगेगा। 

इन कंपनियों को बड़ा झटका

कंपनी                    फंसा कर्ज (फीसदी में)
दीवान हाउसिंग                74.74    
रिलायंस कैपिटल              64.12
आईआईएफएल होल्डिंग    52.81

इनकी वसूली सबसे ज्यादा

कंपनी                 वसूला कर्ज (फीसदी में)    
बजाज फाइनेंस        64.99
मुत्थूट फाइनेंस         44.47
मणप्पुरम फाइनेंस      7.06

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