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रियल एस्टेट में मुश्किलों का दौर जारी, नोटबंदी के समय वाले स्तर पर पहुंचा सूचकांक

Thu, 17 Oct 2019 07:33 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Thu, 17 Oct 2019 07:33 PM IST
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real estate sector market sentiments at demonetisation level

रियल एस्टेट क्षेत्र मकान खरीदारों में भरोसा नहीं जगा पा रहा है। यही कारण है कि रियल एस्टेट बाजार के धारणा सूचकांक में गिरावट आई है। खास बात है कि यह गिरावट उस स्तर पर पहुंच गई है, जितनी नोटबंदी के दौरान आई थी।

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उद्योग संगठन फिक्की, नरेडको और संपत्ति सलाहकार नाइटफ्रैंक के सर्वे में कहा गया है कि सरकार और आरबीआई की ओर से मांग में तेजी लाने के लिए किए गए उपायों के बावजूद आगामी छह महीने तक इसमें तेजी आने के संकेत नहीं हैं। 
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2019 की तीसरी तिमाही के रियल एस्टेट धारणा सूचकांक में कहा गया है कि भारत में रियल एस्टेट के हितरधारकों का वर्तमान धारणा सूचकांक जुलाई-सितंबर तिमाही में गिरकर 42 पर पहुंच गया है। इससे पहले के दो तिमाहियों में यह क्रमश: 47 और 62 रहा था। 2014 की पहली तिमाही के दौरान लोकसभा चुनाव से पहले और 2016 की आखिरी तिमाही में नोटबंदी के दौरान यह सूचकांक 41 रहा था।
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इसके अलावा, कैलेंडर वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में भविष्य धारणा सूचकांक गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 49 पर पहुंच गया। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि रियल एस्टेट क्षेत्र दबाव में है। धारणा सूचकांक का 50 से अधिक रहना आशावाद और 50 से नीचे गिरावट को प्रदर्शित करता है। 

सरकार के उपाय विश्वास जगाने को काफी नहीं

नाइटफ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं एमडी शिशिर बैजल ने कहा कि सरकार की ओर किए गए उपायों के बावजूद मांग में गिरावट से हितधारकों की धारणा निराशाजनक स्तर पर पहुंच गई है। ऐसा पहली बार है, जब हितधारक अगले छह महीने तक रियल एस्टेट क्षेत्र और पूरी अर्थव्यवस्था में होने वाली गतिविधियों को लेकर सावधान हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से आपूर्ति पक्ष की चुनौतियों के समाधान के लिए उपायों की घोषणा किफायती आवास सेगमेंट पर ज्यादा केंद्रित हैं। यह हितधारकों में विश्वास पैदा करने के लिए काफी नहीं है क्योंकि बड़ी चुनौतियां मांग पक्ष की राह में है। 

मकानों की बिक्री 25 फीसदी की गिरावट 

प्रॉपर्टी ब्रोकरेज कंपनी प्रॉपटाइगर के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में देश के प्रमुख नौ शहरों में मकानों की बिक्री 25 फीसदी घटकर 65,799 इकाई रह गई है। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 88,078 इकाई रहा था। इस दौरान नए मकानों के लॉन्च में भी 45 फीसदी की गिरावट आई है।



रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में मकानों की बिक्री 28,563 से घटकर 21,985 इकाई रह गई। वहीं, गुरुग्राम में बिक्री 3,988 से घटकर 2,742 और नोएडा में 6,528 से घटकर 2,827 इकाई रह गई। जबकि इससे पहले एनारॉक और जेएलएल इंडिया की आई रिपोर्ट में भी बिक्री में क्रमश: 18 और एक फीसदी की गिरावट की बात कही गई थी। 

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