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बजट 2018: रियल इस्टेट सेक्टर को मिल सकता है बूस्ट, 1.5 करोड़ लोगों को देगा 2022 तक नौकरी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 Jan 2018 03:08 PM IST
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इस बार के बजट में केंद्र सरकार रियल इस्टेट सेक्टर को मंदी के दौर से उबारने के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकती है। आर्थिक सर्वे में 2022 तक इस सेक्टर द्वारा 1.5 करोड़ लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद से डेवलपर्स काफी खुश हैं। उन्हें लगता है कि अब इस बार के बजट भाषण में वित्त मंत्री अरुण जेटली उनकी मांगों पर ध्यान देंगे।
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उद्योग को मिले दर्जा
महागुन ग्रुप के डायरेक्टर धीरज जैन ने कहा कि जीएसटी और रेरा के लागू होने के बाद इसको उद्योग का दर्जा मिलने की कोशिशें तेज हैं। रियल इस्टेट इकोनॉमी का एक कोर सेक्टर है, इसलिए जल्द ही ऐसा होना चाहिए।
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अगर रियल इस्टेट को इंडस्ट्री का दर्जा मिलता है तो फिर डेवलपर्स को कम इंटरेस्ट रेट पर लोन मिल सकेगा, जिससे मकान काफी सस्ते हो जाएंगे। सेविंग की राशि 1.5 लाख से 3 लाख करने से लोग ज्यादा इन्वेस्ट और टैक्स सेव कर सकते हैं।
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जीएसटी के दायरे में लाया जाए स्टांप ड्यूटी
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क्रेडाई के वाइस प्रेसीडेंट और गौड़ संस के एमडी मनोज गौड़ ने कहा कि बजट में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन को भी जीएसटी के दायरे में लाने की घोषणा करनी चाहिए। इसके साथ ही सेक्शन 80ईई के तहत 50 लाख रुपये से नीचे की प्रॉपटी खरीदने वालों को 2 लाख रुपये की छूट मिलती है। इस लिमिट को बढ़ाकर के 1 करोड़ रुपये कर देना चाहिए।
अफोर्डेबल हाउसिंग में कम हो जीएसटी
सिग्नेचर ग्लोबल के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग को काफी बढ़ावा दे रही है लेकिन जीएसटी लगने से इसका फायदा आम लोगों को नहीं हो रहा है। इसलिए अफोर्डेबल हाउसिंग पर जीएसटी को कम कर देना चाहिए। इशके साथ ही केंद्र सरकार को इसके लिए हाउसिंग जोन बनाने चाहिए जिससे डेवलपर्स को कम ब्याज पर लोन मिल सके।
ग्रीन बिल्डिंग को मिले बढ़ावा
क्रेडाई गाजियाबाद के जनरल सेकेट्री और एसजी इस्टेट्स के डायरेक्टर गौरव गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार को बजट में ग्रीन बिल्डिंग बनाने वाले डेवलपर्स को स्पेशल इंसेंटिव मिलना चाहिए। इससे ग्रीन बिल्डिंग बनाने वाले डेवलपर्स को फायदा होने के साथ ही पर्यवारण भी अच्छा होने की उम्मीद है।
अफोर्डेबल हाउसिंग में कम हो जीएसटी
सिग्नेचर ग्लोबल के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग को काफी बढ़ावा दे रही है लेकिन जीएसटी लगने से इसका फायदा आम लोगों को नहीं हो रहा है। इसलिए अफोर्डेबल हाउसिंग पर जीएसटी को कम कर देना चाहिए। इशके साथ ही केंद्र सरकार को इसके लिए हाउसिंग जोन बनाने चाहिए जिससे डेवलपर्स को कम ब्याज पर लोन मिल सके।
ग्रीन बिल्डिंग को मिले बढ़ावा
क्रेडाई गाजियाबाद के जनरल सेकेट्री और एसजी इस्टेट्स के डायरेक्टर गौरव गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार को बजट में ग्रीन बिल्डिंग बनाने वाले डेवलपर्स को स्पेशल इंसेंटिव मिलना चाहिए। इससे ग्रीन बिल्डिंग बनाने वाले डेवलपर्स को फायदा होने के साथ ही पर्यवारण भी अच्छा होने की उम्मीद है।