नोएडा-ग्रेटर नोएडा में महंगी हुई प्रॉपर्टी, गुरुग्राम में घटे दाम
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पिछले एक साल में प्रॉपर्टी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव दिखा है। एनसीआर में शामिल नोएडा-ग्रेटर नोएडा में जहां मकानों की कीमतों में उछाल आया है, वहीं गुरुग्राम और उसके आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी के दाम घट गए हैं।
संपत्ति सलाहकार फर्म प्रॉपटाइगर ने शुक्रवार को रिपोर्ट जारी कर बताया कि गुरुग्राम और उसके आसपास के इलाकों में पिछले एक साल के दौरान मकानों की कीमतों में 4 फीसदी कमी आई है, जबकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इसी अवधि के दौरान कीमतेें में 1 फीसदी बढ़ गई हैं।
न्यूज कॉर्प समर्थित प्रॉपटाइगर ने रियल इनसाइट रिपोर्ट में कहा है कि गुरुग्राम में जुलाई-सितंबर अवधि के दौरान औसत बीएसपी (बिक्री मूल्य) गिरकर 4,868 रुपये प्रति वर्गफुट पर आ गई है। एक साल पहले की इसी अवधि में दाम 5,055 रुपये प्रति वर्गफुट थे। इसमें गुरुग्राम के आसपास के क्षेत्र भिवाड़ी, सोहना और धारूहेड़ा भी शामिल हैं।
35 रुपया प्रति वर्गफुट महंगा हुआ नोएडा-ग्रेनो
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस समेत नोएडा में पिछले एक साल के दौरान बिक्री मूल्य में 35 रुपये प्रति वर्गफुट का इजाफा हुआ है।
यहां बीएसपी बढ़कर 3,921 रुपये प्रति वर्गफुट हो गया है। एक साल पहले की इसी अवधि में बीएसपी 3,886 रुपये प्रति वर्गफुट था। कीमतों में यह बढ़ोतरी प्रॉपर्टी की मांग में गिरावट के बावजूद हो रही है। हालांकि, नोएडा और ग्रेनो का प्रॉपर्टी बाजार इस बढ़ोतरी के बाद भी गुरुग्राम के मुकाबले काफी सस्ता है।
दूसरी तिमाही बिक्री में 47 फीसदी गिरावट
प्रॉपटाइगर का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर के दौरान गुरुग्राम और नोएडा क्षेत्र में संयुक्त रूप से आवासीय बिक्री में 47 फीसदी की गिरावट आई है। इस अवधि में महज 5,569 मकानों की बिक्री हुई। एकल रूप में देखा जाए तो गुरुग्राम में बिक्री 31 फीसदी गिरकर 2,742 इकाई रही है। एक साल पहले की समान तिमाही में यहां 3,988 मकानों की बिक्री हुई थी।
इस दौरान मांग में 57 फीसदी कमी आई है और यह पिछले साल की 6,528 इकाई के मुकाबले 2,827 इकाई रह गई है।
नोएडा में 55 फीसदी गिरी नई आपूर्ति
नई इकाइयों की आपूर्ति के मामले में नोएडा में 55 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है और यह पिछले साल की 1,647 इकाई की तुलना में 736 इकाई रह गई है। इसके उलट गुरुग्राम में नए मकानों की आपूर्ति में 27 फीसदी इजाफा हुआ है। यहां पिछले साल की 1,851 इकाई के मुकाबले नई आपूर्ति 2,353 इकाई पर पहुंच गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों शहरों में बिल्डरों के पास 30 सितंबर 2019 तक नहीं बिके हुए मकानों की संख्या 1,06,317 इकाई रही, जो एक साल पहले इसी समय 1,15,598 इकाई थी।