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मोदी@3: नोटबंदी से बेहाल हुआ रियल इस्टेट सेक्टर
amarujala.com, Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Fri, 26 May 2017 07:49 PM IST
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- फोटो : Reuters
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मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने वाले हैं। जब भाजपा नीत एनडीए की सरकार ने देश में सत्ता संभाली थी, तब रियल इस्टेट सेक्टर ने काफी उम्मीदें लगाई थी कि नई सरकार के आने से उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा और मंदी से जूझ रहे सेक्टर को राहत मिलेगी।
लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हालांकि नोटबंदी और कालेधन पर सरकार द्वारा लगाम लगाने के बाद से रियल इस्टेट सेक्टर में जो मंदी का दौर पहले से जारी था, वो और गहरा गया।
कैश ट्रांजेक्शन पर सीमा लगाने से पड़ा असर
रियल इस्टेट सेक्टर के एक्सपर्ट के अनुसार, नोटबंदी के बाद सरकार ने कैश ट्रांजेक्शन पर सीमा तय कर दी थी। नियमों के मुताबिक 2 लाख रुपये से अधिक के कैश ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी है। इससे अब उन लोगों को नुकसान पहुंचा है जो प्रॉपर्टी खरीदने के लिए कैश का ज्यादा इस्तेमाल करते थे।
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अफोर्डेबल हाउसिंग और रेरा लाना अच्छा कदम
सिग्नेचर ग्लोबल के चेयरमेन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देना और रेरा कानून को लागू करना सबसे अच्छा कदम रहा है। इससे नोटबंदी के वक्त जो माहौल रियल इस्टेट सेक्टर में बन गया था, वो अब काफी हद तक कम हो गया है। रेरा के लागू होने से लांग टर्म में काफी फायदा बिल्डर्स और बायर्स दोनों को मिलने की उम्मीद है।
मोदी राज में मंदी की मार से परेशान हुआ रियल इस्टेट सेक्टर
क्रेडाई के नेशनल वाइस प्रेसीडेंट मनोज गौड़ ने कहा कि पिछले तीन सालों के दौरान पूरे देश में रियल इस्टेट सेक्टर का हाल बुरा रहा है। बिल्डर्स की हालत यह हो गई है कि वो अपने पहले से लंबित प्रोजेक्ट को पूरा कर लें, ये ही बहुत अच्छी बात होगी। हालांकि उन अब सभी कंपनियों के पास नए प्रोजेक्ट लांच करने की गुंजाइश काफी कम बची है, जिनके प्रोजेक्ट 5 से 10 साल की देरी से चल रहे हैं। मार्केट में नोटबंदी के बाद से सेल्स में भी काफी गिरावट देखने को मिली है, जिसके अगले दो सालों में बढ़ने की उम्मीद है।
महागुन ग्रुप के डायरेक्टर धीरज जैन ने कहा कि सरकार के तीन साल बेमिसाल रहें। सरकार ने जहाँ इस साल रेरा लागू कर खरीददारों के हकों के निवारण के लिये बॉडी दी जिसका खरीददारों को लम्बे समय से इंतजार रहा है। इसके ज़रिये खरीददारों का रियल एस्टेट के ऊपर विश्वास और भी गहेरा होगा वहीँ रियल एस्टेट बाज़ार में पारदर्शीता आयेगी जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में और भी उछाल आने वाले समय में देखने को मिलेगा।
अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप के चेयरमैन राकेश यादव ने कहा कि सरकार ने सत्ता में अपने तीन साल बड़ी कुशलता के साथ पूरे किये है। सरकार पूरे देश में एक कर प्रणाली जीएसटी को भी जुलाई से क्रियान्वयन करने का पूरा विचार है। सरकार ने इससे जुडी सभी तैयारियों को भी लगभग पूरा कर लिया है, इससे रियल एस्टेट सेक्टर में कई बेहतरीन परिवर्तन देखने को मिलेगें जोकि खरीददारों के हित में होगें।
साया ग्रुप के एमडी विकास भसीन ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने इन तीन साल में सभी वर्ग के लोगों के लिये काम किये हैं। हाउसिंग फॉर ऑल के मिशन को पूरा करने के लिये सरकार ने जो कर्मठता दिखायी है, उसमें डेवलपर्स ने भी बढ़कर हिस्सा लिया है। देशभर के कई डेवलपर्स इस क्षेत्र में निवेश कर रहें जिसका लाभ आने वाले कुछ समय में दिखने को मिलेगा। इसके साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिये भी कई महत्वपूर्ण कार्य किये गये हैं जो कि देश की जनता को लाभ देगें।
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लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हालांकि नोटबंदी और कालेधन पर सरकार द्वारा लगाम लगाने के बाद से रियल इस्टेट सेक्टर में जो मंदी का दौर पहले से जारी था, वो और गहरा गया।
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कैश ट्रांजेक्शन पर सीमा लगाने से पड़ा असर
रियल इस्टेट सेक्टर के एक्सपर्ट के अनुसार, नोटबंदी के बाद सरकार ने कैश ट्रांजेक्शन पर सीमा तय कर दी थी। नियमों के मुताबिक 2 लाख रुपये से अधिक के कैश ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी है। इससे अब उन लोगों को नुकसान पहुंचा है जो प्रॉपर्टी खरीदने के लिए कैश का ज्यादा इस्तेमाल करते थे।
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अफोर्डेबल हाउसिंग और रेरा लाना अच्छा कदम
सिग्नेचर ग्लोबल के चेयरमेन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देना और रेरा कानून को लागू करना सबसे अच्छा कदम रहा है। इससे नोटबंदी के वक्त जो माहौल रियल इस्टेट सेक्टर में बन गया था, वो अब काफी हद तक कम हो गया है। रेरा के लागू होने से लांग टर्म में काफी फायदा बिल्डर्स और बायर्स दोनों को मिलने की उम्मीद है।
मोदी राज में मंदी की मार से परेशान हुआ रियल इस्टेट सेक्टर
क्रेडाई के नेशनल वाइस प्रेसीडेंट मनोज गौड़ ने कहा कि पिछले तीन सालों के दौरान पूरे देश में रियल इस्टेट सेक्टर का हाल बुरा रहा है। बिल्डर्स की हालत यह हो गई है कि वो अपने पहले से लंबित प्रोजेक्ट को पूरा कर लें, ये ही बहुत अच्छी बात होगी। हालांकि उन अब सभी कंपनियों के पास नए प्रोजेक्ट लांच करने की गुंजाइश काफी कम बची है, जिनके प्रोजेक्ट 5 से 10 साल की देरी से चल रहे हैं। मार्केट में नोटबंदी के बाद से सेल्स में भी काफी गिरावट देखने को मिली है, जिसके अगले दो सालों में बढ़ने की उम्मीद है।
महागुन ग्रुप के डायरेक्टर धीरज जैन ने कहा कि सरकार के तीन साल बेमिसाल रहें। सरकार ने जहाँ इस साल रेरा लागू कर खरीददारों के हकों के निवारण के लिये बॉडी दी जिसका खरीददारों को लम्बे समय से इंतजार रहा है। इसके ज़रिये खरीददारों का रियल एस्टेट के ऊपर विश्वास और भी गहेरा होगा वहीँ रियल एस्टेट बाज़ार में पारदर्शीता आयेगी जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में और भी उछाल आने वाले समय में देखने को मिलेगा।
अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप के चेयरमैन राकेश यादव ने कहा कि सरकार ने सत्ता में अपने तीन साल बड़ी कुशलता के साथ पूरे किये है। सरकार पूरे देश में एक कर प्रणाली जीएसटी को भी जुलाई से क्रियान्वयन करने का पूरा विचार है। सरकार ने इससे जुडी सभी तैयारियों को भी लगभग पूरा कर लिया है, इससे रियल एस्टेट सेक्टर में कई बेहतरीन परिवर्तन देखने को मिलेगें जोकि खरीददारों के हित में होगें।
साया ग्रुप के एमडी विकास भसीन ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने इन तीन साल में सभी वर्ग के लोगों के लिये काम किये हैं। हाउसिंग फॉर ऑल के मिशन को पूरा करने के लिये सरकार ने जो कर्मठता दिखायी है, उसमें डेवलपर्स ने भी बढ़कर हिस्सा लिया है। देशभर के कई डेवलपर्स इस क्षेत्र में निवेश कर रहें जिसका लाभ आने वाले कुछ समय में दिखने को मिलेगा। इसके साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिये भी कई महत्वपूर्ण कार्य किये गये हैं जो कि देश की जनता को लाभ देगें।