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रियल एस्टेट क्षेत्र को पांच साल में मिला एक लाख करोड़ का विदेशी निवेश: एनारॉक

Tue, 19 Nov 2019 11:18 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 19 Nov 2019 11:18 AM IST
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Indian Real Estate Attracted Foreign Private Equity of 1 Lakh Crore in Five Years Anarock

भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान करीब एक लाख करोड़ रुपये का विदेशी निवेश निजी इक्विटी (पीई) के जरिये आया है। संपत्ति सलाहकार फर्म एनारॉक (Anarock) ने सोमवार को 2015 से 2019 की तीसरी तिमाही तक के आंकड़े जारी कर यह खुलासा किया है। 

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एनारॉक ने बताया कि कुल निवेश में से 63 फीसदी यानी करीब 8.8 अरब डॉलर की राशि वाणिज्यिक रियल एस्टेट में आई है। विदेशी निवेशकों को आवासीय परियोजनाओं में पैसे लगाने को लेकर ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखी और इस क्षेत्र को महज 1.5 अरब डॉलर का निवेश मिला है, जबकि रिटेल सेक्टर को 1.7 अरब डॉलर का पीई मिला है। इसके अलावा लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउस निर्माण के क्षेत्र में एक अरब डॉलर का निवेश आया है, जबकि शेष राशि अन्य मिश्रित परियोजनाओं को मिली है। घरेलू पीई निवेशकों की बात करें तो इसी अवधि में कुल 2.4 अरब डॉलर भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र को मिले हैं। इसमें से 71 फीसदी यानी 1.7 अरब डॉलर की राशि आवासीय परियोजनाओं को मिली है। 

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छोटे शहरों में भी बढ़ा रुझान

एनारॉक ने बताया कि विदेशी पीई निवेशकों का देश के सात बड़े शहरों के अलावा छोटे इंदौर, अहमदाबाद और अमृतसर जैसे छोटे शहरों में निवेश पर भी जोर रहा है। भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए मुश्किल रहे पिछले पांच वर्षों के दौरान भी वाणिज्यिक सेग्मेंट में वृद्धि के बूते यह निवेश आया है। पांच शीर्ष विदेशी निवेशकों में ब्लैकस्टोन, ब्रुकफील्ड, जीआईसी, एसेनडास और जेंडर हैं। इन पांच फर्मों ने ही कुल निवेश की 75 फीसदी से ज्यादा राशि लगाई है। घरेलू निवेशकों में मोतीलाल ओसवाल, एचडीएफसी वेंचर, कोटक रियल्टी, एएसके समूह और आदित्य बिड़ला समूह सबसे आगे रहे, जिन्होंने कुल निवेश की 54 फीसदी राशि लगाई। 

कार्यस्थल की मांग से बढ़ा निवेश 

एनारॉक का मानना है कि दिल्ली, मुंबई सहित देश के सभी बड़े शहरों में ग्रेड-ए कार्यस्थल की मांग बढ़ने से भारतीय वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र विदेश निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस साल की पहली तीन तिमाहियों में ही इस क्षेत्र में 3 अरब डॉलर का निवेश आ चुका है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 43 फीसदी ज्यादा है। रिटेल सेक्टर की नीतियों में पिछले दिनों दी गई ढील की वजह से इस क्षेत्र में भी निवेश बढ़ा है। फर्म ने अनुमान जताया कि भीषण नकदी संकट से जूझ रहा यह क्षेत्र आने वाले समय में औसत से नीचे बना रहेगा।

इस साल आवासीय क्षेत्र में बढ़ा निवेश

घरेलू रियल एस्टेट क्षेत्र की आवासीय परियोजनाओं में भी निवेशकों का भरोसा लौट रहा है। यहां 2019 की पहली तीन तिमाहियों में 29.5 करोड़ डॉलर का निवेश पीई के जरिये आया है, जो पिछले साल की समान अवधि में 21 करोड़ डॉलर था। इसमें सालाना आधार पर 40 फीसदी की बढ़ोतरी दिखी है। हालांकि, यह निवेश 2015 के मुकाबले काफी कम है, जब आवासीय परियोजनाओं को 1.5 अरब डॉलर मिले थे। 

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