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दिवालिया हो चुकी रियल इस्टेट कंपनी में खरीदार भी माने जाएंगे ऋणदाता
Thu, 01 Aug 2019 09:58 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Thu, 01 Aug 2019 09:58 PM IST
सार
- दिवालिया एवं ऋण शोधन अक्षमता कानून संशोधन विधेयक राज्यसभा के बाद लोकसभा में भी पास
- कंपनियों की दिवालिया प्रक्रिया अब 270 की बजाय 330 दिन में करनी होगी पूरी
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
रियल एस्टेट सेक्टर में घर खरीदारों और कंपनियों में निवेशकों को लोकसभा में एक बड़ी राहत मिली है। सदन में बृहस्पतिवार को पारित हुए दिवालिया एवं ऋण शोधन अक्षमता कानून संशोधन विधेयक के बाद अब घर खरीदार और निवेशक भी दिवालिया घोषित कंपनी के ऋणदाता माने जाएंगे। इससे कंपनी से मिलने वाली रकम में इनका भी हिस्सा होगा। उच्च सदन में यह बिल सोमवार को पारित हो चुका है।
वित्त एवं कंपनी मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा, बिल में कंपनियों की दिवालिया प्रक्रिया पूरी करने के लिए तय समयसीमा को 270 से बढ़ाकर 330 करने का भी प्रावधान है। यह फरवरी में लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा। उन्होंने कहा, पुराने कानून के सात खंडों को संशोधित किया जाना है।
अब दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के आवेदन के समय ही उसके पूरे करने की समय सीमा तय होगी। साथ ही वित्तीय लेनदारों के संकट का भी निवारण किया जाएगा। सीतारमण ने कहा, इन मामलों को निपटाने में केंद्र, राज्य और संबंधित प्राधिकरणों की भी जिम्मेदारी होगी।
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वित्त एवं कंपनी मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा, बिल में कंपनियों की दिवालिया प्रक्रिया पूरी करने के लिए तय समयसीमा को 270 से बढ़ाकर 330 करने का भी प्रावधान है। यह फरवरी में लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा। उन्होंने कहा, पुराने कानून के सात खंडों को संशोधित किया जाना है।
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अब दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के आवेदन के समय ही उसके पूरे करने की समय सीमा तय होगी। साथ ही वित्तीय लेनदारों के संकट का भी निवारण किया जाएगा। सीतारमण ने कहा, इन मामलों को निपटाने में केंद्र, राज्य और संबंधित प्राधिकरणों की भी जिम्मेदारी होगी।
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