सात प्रमुख शहरों में 18 फीसदी गिरी मकानों की बिक्री, टॉप पर दिल्ली-एनसीआर
- 9,830 मकान ही बिके दिल्ली-एनसीआर में जुलाई-सिंतबर तिमाही में
- 18 फीसदी घटकर 55,080 इकाई रह गई मकानों की बिक्री सात प्रमुख शहरों में
- सरकार के उपायों से बिक्री में तेजी आने की उम्मीद
विस्तार
देश के सात प्रमुख शहरों में चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में मकानों की बिक्री में 18 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मकानों की बिक्री में 13 फीसदी की गिरावट रही। संपत्ति सलाहकार कंपनी एनारॉक ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि खरीदारों के प्रॉपर्टी में निवेश करने को लेकर सतर्कता बरतने से यह गिरावट आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के प्रमुख सात शहरों दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र, कोलकाता, चेन्नई, बंगलूरू, पुणे और हैदराबाद में जुलाई-सितंबर तिमाही में कुल 55,080 मकान बिके। यह आंकड़ा 2018-19 की समान तिमाही में बिके 67,140 मकानों के मुकाबले 18 फीसदी कम है। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, ‘खरीदारों की कमजोर धारणा के अलावा सबवेंशन योजना के बंद होने और श्राद्ध के कारण भी बिक्री में गिरावट देखने को मिली।’
बंगलूरू में सबसे अधिक गिरावट
एनारॉक के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में मकानों की बिक्री में सबसे अधिक गिरावट बंगलूरू में दर्ज की गई। यहां मकानों की बिक्री 35 फीसदी घटकर 10,500 इकाई रह गई। इसके बाद हैदराबाद में यह आंकड़ा 32 फीसदी कम होकर 3,280 इकाई रह गया। कोलकाता में मकानों की बिक्री 27 फीसदी घटकर 3,120 इकाई रह गई, जबकि एनसीआर में यह आंकड़ा 13 फीसदी घटकर 9,830 इकाई रह गया।
बिना बिके मकानों की संख्या घटी
चेन्नई में जुलाई-सितंबर तिमाही में 11 फीसदी की गिरावट के साथ 2,620 मकान ही बिके। पुणे में मकानों की बिक्री 8 फीसदी घटकर 8,550 इकाई रही। वहीं, मुंबई महानगर क्षेत्र में यह आंकड़ा 6 फीसदी घटकर 17,180 इकाई रह गया। आंकड़ों के मुताबिक, सात शहरों में बिना बिके मकानों की संख्या में मामूली गिरावट रही। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इन शहरों में ऐसे मकानों की संख्या 6.56 लाख रह गई, जो अप्रैल-जून तिमाही में 6.66 लाख रही थी।
त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की उम्मीद
पुरी का कहना है कि खरीदार एवं डेवलपर्स दोनों सतर्क थे और जोखिम लेने से बच रहे थे। इस कारण इस तिमाही में नई आपूर्ति एवं मकानों की बिक्री घटने का अनुमान था। हालांकि, अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए सरकार की ओर से किए गए उपायों से सभी क्षेत्रों की धारणा मजबूत हुई है। शेयर बाजारों में त्वरित तेजी इसका सबूत है। उन्होंने कहा कि इन उपायों का असर रियल एस्टेट क्षेत्र पर भी पड़ेगा। इससे त्योहारी सीजन और आगामी तिमाहियों में मकानों की मांग में तेजी आने की संभावना है। इसके अलावा हाल में कॉरपोरेट कर में कटौती से घरेलू और विदेशी दोनों तरह के निवेश में तेजी आएगी।