क्रेडाई ने किया आह्वान, कहा- चीन में बने सामानों पर निर्भर न रहें रियल्टी कंपनियां

पीटीआई, नई दिल्ली Updated Sat, 20 Jun 2020 07:59 PM IST
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निर्माणाधीन इमारत (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

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रियल्टी कंपनियों के संगठन क्रेडाई ने अपने 20 हजार डेवलपर सदस्यों से कहा है कि वे चीन में निर्मित उत्पादों पर निर्भर नहीं रहें और भारत निर्मित वस्तुओं को बढ़ावा दें। क्रेडाई ने यह आह्वान ऐसे समय किया है जब भारत और चीन के बीच सीमा विवाद नए शिखर पर पहुंच गया है। 
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चीन के सामानों का बहिष्कार करने की मुहिम
सोमवार रात को गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित बीस जवान मारे गए। इसके बाद देश भर में चीन विरोधी भावनाएं उफान पर हैं और विभिन्न क्षेत्रों में चीन के सामानों का बहिष्कार करने की मुहिम उठ रही हैं।
स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहन
इस संदर्भ में क्रेडाई ने एक बयान में कहा कि, 'राष्ट्र के साथ एकजुटता में और गलवान घाटी के शहीदों को श्रद्धांजलि व सम्मान देते हुए क्रेडाई ने अपने सदस्यों से चीन में निर्मित वस्तुओं पर निर्भर नहीं रहने तथा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है।' 

क्रेडाई उद्योगों से किया आग्रह
क्रेडाई ने उन सभी संबद्ध उद्योगों से यह आग्रह किया है, जो रीयल एस्टेट डेवलपर्स को स्थानीय स्तर पर उत्पाद बनाने के लिए भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति करते हैं। मामले में क्रेडाई नेशनल के अध्यक्ष सतीश मगर ने कहा कि, 'हम अपने सदस्य डेवलपर्स से अपील करते हैं कि वे चीनी सामानों पर निर्भर न रहें। वे जीवन और व्यवसाय के लिए स्वदेशी या 'मेड इन इंडिया' को अपनाएं।' 

रीयल एस्टेट डेवलपर्स के लिए शीर्ष निकाय है क्रेडाई
1999 में स्थापित दी कन्फेडरेशन ऑफ रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) भारत में निजी रीयल एस्टेट डेवलपर्स के लिए शीर्ष निकाय है। यह देश के 21 राज्यों और 220 शहरों के 20 हजार से अधिक डेवलपर्स का प्रतिनिधित्व करता है।
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