फेस्टिव सीजन से पहले सरकार का तोहफा, बिल्डर्स बोले- बिक्री में आएगा उछाल
पूरा होगा हाउसिंग फॉर ऑल का सपना
केंद्र सरकार द्वारा की गई घोषणा से हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम को 2022 तक पूरा करने में मदद मिलेगी। वहीं 1.5 लाख रुपये की ब्याज पर अतिरिक्त छूट मिलने से छोटे शहरों में घरों की बिक्री काफी बढ़ जाने की संभावना है।--प्रदीप अग्रवाल, को-फाउंडर एंड चेयरमैन, सिग्नेचर ग्लोबल
बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को लाभ नहीं
सरकार की घोषणा से अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर को तो राहत मिलेगी। लेकिन इसका फायदा उन लोगों या बिल्डर्स को नहीं मिलेगा, जिनके फ्लैट की कीमत 45 लाख से ज्यादा है। वहीं 10 हजार करोड़ के स्पेशल पैकेज से पूरे रियल एस्टेट सेक्टर को राहत नहीं मिलेगी। देश के टॉप सात शहरों में करीब 5.5 लाख मकानों की बिक्री नहीं हुई है।--अनुज पुरी, चेयरमैन एनारॉक प्रॉपर्टी
आवास क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए माननीय वित्त मंत्री द्वारा घोषणा वास्तव में स्वागत योग्य है। कई मध्य-आय और किफायती आवास परियोजनाएं जो धन की कमी के कारण धीमी प्रगति देख रही हैं, उन्हें 10,000 करोड़ रुपये की विशेष विंडो स्थापित करने के परिणामस्वरूप तेज किया जाएगा। यह करीब 3-3.5 आवास इकाइयों के तेजी से वितरण में मदद करेगा। तथ्य यह है कि विशेष विंडो को आवास और बैंकिंग क्षेत्र के प्रोफेसरों द्वारा प्रबंधित और मॉनिटर किया जाएगा जो सही दिशा में एक और कदम है। साथ ही 10 साल के टी-बिल पर आवास निर्माण अग्रिम को उपज के साथ जोड़ने के सरकार के फैसले से सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रभावी ब्याज दर कम होने की संभावना है, जिससे उन्हें नए घर खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। किफायती आवास के लिए ईसीबी मानदंडों में छूट से आवास की मांग को भी बढ़ावा मिलना चाहिए क्योंकि इस कदम के परिणामस्वरूप एचएफसी के लिए धन की लागत कम हो जाएगी।
-- मनोज गौड़, एमडी, गौर्स ग्रुप व चेयरमैन अफोर्डेबल हाउसिंग कमेटी क्रेडाई
रियल सेक्टर को इन फैसलों से बड़ी राहत मिली, 60 फीसदी पूरी होने वाली परियोजनाओं को विशेष विंडो के माध्यम से फंडिंग मिलेगी। उम्मीद है कि इस फैसले से लगभग 3.5 लाख अटकी इकाइयां लाभान्वित होंगी। सरकार के इस समर्थन से बाजार और अधिक शक्तिशाली हो जाएगा और कई खरीदारों को जल्द ही अपने घरों का कब्जा मिल जाएगा। इसके अतिरिक्त अटकी परियोजनाओं की कई अधूरी इकाइयां बाजार में संपत्ति चाहने वालों के लिए एक विकल्प होगा। हम ऐसे निर्णय लेने के लिए वित्त मंत्री जी का स्वागत करते हैं जो इतने सारे बायर्स को प्रभावित कर रहा है और रियल एस्टेट क्षेत्र के बोझ को कम करता है।
--धीरज जैन, डायरेक्टर, महागुन ग्रुप
वित्त मंत्री ने रियल एस्टेट सेक्टर में अफोर्डेबल सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए अहम घोषणा करी, जिसकी खासी मांग भी हो रही थी। घर खरीदारों के लिए वित्तपोषण को कम करके, सरकार ने तेजी से बिक्री और प्रोजेक्ट के पजेशन का मार्ग आसान किया है।
--अशोक गुप्ता, सीएमडी, अजनारा इंडिया लिमिटेड
10 साल के टी-बिल पर प्रचलित उपज 6.6-6.7 फीसदी के आसपास मंडरा रही है। हाउस बिल्डिंग एडवांस को इससे जोड़ने का सरकार का फैसला प्रभावी रूप से सरकारी कर्मचारियों के लिए ब्याज दर में कमी की संभावना है, जो घर खरीदारों का सबसे बड़ा हिस्सा रहेगा। इस त्योहारी सीजन से पहले क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है।
--दीपक कपूर, डायरेक्टर, गुलशन होम्ज