अनुच्छेद 370 समाप्तः अब कोई भी भारतीय खरीद सकेगा कश्मीर में संपत्ति
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जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तरफ से अधिसूचना जारी हो गई है। इस अनुच्छेद की समाप्ति के बाद अब कोई भी भारतीय, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में संपत्ति खरीद सकेगा। इसके साथ ही कोई भी आम भारतीय राज्य सरकार के विभिन्न पदों पर नौकरी भी कर सकेगा।
आप भी खरीद सकेंगे संपत्ति
पांच अगस्त से भारत में रहने वाला कोई भी नागरिक अगर चाहे तो फिर वो जम्मू-कश्मीर में घर, प्लॉट, खेती की जमीन, दुकान आदि को खरीद सकेगा। पहले केवल राज्य का निवासी ही संपत्ति को खरीद सकता था और भारतीयों को संपत्ति खरीदने पर रोक थी।
लागू हो गया है नया आदेश
राष्ट्रपति का आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। जम्मू कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 35 ‘ए’ राज्य के लोगों की पहचान और उनके विशेष अधिकारों से संबंधित था। इस अनुच्छेद के समाप्त होते ही राज्य का विशेष दर्जा समाप्त हो गया है। अनुच्छेद 35 ए के खत्म होने से राज्य के स्थायी निवासियों की दोहरी नागरिकता खत्म हो जाएगी। अब वह भारत के नागरिक होंगे। इसके अलावा अब जम्मू कश्मीर के बाहर के लोग भी यहां पर संपत्ति खरीद सकेंगे।
सर्किल रेट में होगी बढ़ोतरी
फिलहाल जम्मू-कश्मीर में सर्किल रेट एक जनवरी से 31 दिसंबर से लागू होता है। अब नई व्यवस्था के तहत सर्किल रेट का बढ़ाना भी वित्तीय वर्ष पर होगा। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य के अंदर प्रॉपर्टी के रेट बढ़ेंगे और रियल इस्टेट बाजार में भी तेजी देखने को मिलेगी।
राज्य में जा सकेंगे बड़े बिल्डर
देश भर में कार्यरत बड़े बिल्डर भी अब राज्य में अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं। गौड़ संस के डायरेक्टर मनोज गौड़ ने कहा कि इससे वहां के रियल इस्टेट बाजार में बड़ी कंपनियों को अपना व्यापार शुरू करने में मदद मिलेगी।
स्थायी तौर पर होंगे निवासी
राज्य में बाहर के लोग भी कश्मीर में स्थायी तौर पर निवास कर सकेंगे। अभी सूबे में बाहरी लोगों को स्थायी तौर पर रहने का अधिकार नहीं था। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी काफी असर पड़ने की संभावना है।
सरकार ने एक अच्छा कदम उठाया है। इसकी जरूरत भी थी। हम सब चाहते हैं कश्मीर में विकास हो, अनुच्छेद 35ए हटाकर के अब रियल इस्टेट कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा। रेंटल हाउसिंग, हॉलीडे होम्स और ऑफिस स्पेस के लिए डेवलपर्स के द्वार खुल गए हैं। कुछ महीनों में बिल्डर्स वहां पर निवेश करने की सोच सकेंगे। इससे राज्य में अफोर्डेबल हाउंसिग को भी काफी बल मिलेगा।
-------प्रदीप अग्रवाल, चेयरमैन, सिग्नेचर ग्लोबल
जम्मू कश्मीर केंद्र सरकार लिए गये ऐतिहासिक फैसले ने लोगों की उम्मीदों पर फंख लगा दिए। क्योंकि जम्मू कश्मीर हमेशा से टूरिज्म जगह रही है। यहां लोग घूम सकते थे, मगर बसने की नहीं सोच सकते थें, लेकिन इस फैसले से बाहरियों और खासकर रियल एस्टेट डेवलपर्स को फायदा होने वाला हैं। हालांकि अभी स्थिति और बेहतर होगी। उसके बाद डेवलपर्स अपनी राह को आसान बनाएंगे, फिर जम्मू कश्मीर में बुनियादी ढांचे की ईंट रखेंगे।
-----उमेश राठौर, वाईस-प्रेसिडेंट (सेल्स एंड मार्केटिंग), सिक्का ग्रुप
भारत का स्वर्ग कहे जाने वाला कश्मीर में अब लोगों को रहने के लिए रास्ता खुल चुका है | जिसमें सबसे ज्यादा फायदा रियल एस्टेट के लिए हुआ। क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर की बहुत संभावनाएं हैं। धारा हट जाने से लोगों को अब अपना सेकंड होम या गेस्ट हाउस बनाना आसान हो जाएगा। जो सपना लोग कश्मीर में घूमने के बाद इस स्वर्ग में रहने के लिए सोचते थे। वह अब हकीकत होने जा रहा है। ऐसे में डेवलपर्स दिल्ली और एनसीआर में रियल एस्टेट की आई मंदी को जम्मू कश्मीर के रियल एस्टेट से भरपाई कर सकते हैं।
-----कुशाग्र अंसल, डायरेक्टर, अंसल हाउसिंग और प्रेसिडेंट, क्रेडाई हरियाणा
सरकार के इस फैसले से देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा सहयोगी बनेगा। जिसमें रियल एस्टेट, टूरिज्म, इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने का बहुत ज्यादा अवसर प्रदान करेगा। लेकिन अभी ज्यादा दिक्कतें भी हैं। इन दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार अभी नए प्रावधान लाएगी। उसके बाद ही रियल एस्टेट की रुपरेखा तैयार हो सकती है। लेकिन आने वाला समय रियल सेक्टर के लिए चार चांद लगाएगा। और भारत की अर्थव्यवस्था में मजबूत हिस्सेदारी निभाएगा।
-----राजेश गोयल, एमडी, आरजी ग्रुप और वाईस प्रेसिडेंट, क्रेडाई एनसीआर