जीएसटी दरें घटने से बढ़ी नए मकानों की मांग, रेडी-टू-मूव मकान बने पहली पसंद
- संपत्ति सलाहकार कंपनी एनारॉक ने कहा, मकान खरीदारों की पहली पसंद रेडी-टू-मूव-इन मकान
- 18 फीसदी पहुंची नए मकानों को प्राथमिकता देने वालों की संख्या, पिछले सर्वे में थी पांच फीसदी
- 50 फीसदी ग्राहक रेरा कानून से प्रभावित होकर दिल्ली एनसीआर के रियल्टी बाजार में उतरे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चालू वर्ष के अप्रैल महीने से जीएसटी दरों में कमी आने के कारण खरीदारों के बीच नए मकानों की मांग बढ़ी है। हालांकि खरीदरों की पहली पसंद रेडी-टू-मूव-इन-फ्लैट्स ही हैं। संपत्ति सलाहकार कंपनी एनारॉक के ताजा कंज्यूमर सेंटिमेंट सर्वे एच1 2019 के अनुसार, जीएसटी दरें घटने और रियल्टी क्षेत्र के लिए रेरा जैसे कानून लागू होने से ग्राहकों का भरोसा नए मकानों में एक बार फिर से बढ़ा है।
इसके साथ ही कंपनी ने अपने सर्वे में पाया कि 70 फीसदी लोग 80 लाख तक की कीमत वाली संपत्तियों को खरीदना पसंद करते हैं। कंपनी ने आगे कहा कि अभी भी ग्राहकों की पहली पसंद रेडी-टू-मूव-इन मकान हैं। लेकिन इस बार नए मकानों को प्राथमिकता देने वालों की संख्या 18 फीसदी जा पहुंची है, जो पिछले सर्वे में महज पांच फीसदी थी।
सरकार द्वारा एक अप्रैल से किफायती मकानों पर जीएसटी दर आठ फीसदी से घटाकर एक फीसदी कर दी गई है। हालांकि इसमें आईटीसी दायर करने की प्रक्रिया को हटा लिया गया है। वहीं, किफायती श्रेणी से बाहर के निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दी गई है।
वापस आ रहे हैं निवेशक
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि हमारे हाल ही में किए सर्वे से यह साबित होता है कि बाजार की अनुकूल परिस्थितियों के साथ सरकार द्वारा लाई हई सुधार नीतियों से भारतीय रियल्टी बाजार की हालत बेहतर हुई है। इस कारण से लंबे अवधि के निवेशक फिर से बाजार में निवेश के लिए रुख कर रहे हैं।
58 फीसदी ने निजी इस्तेमाल को खरीदी संपत्ति
सर्वे में शामिल हुए 58 फीसदी लोगों ने मकानों की खरीद अपने निजी इस्तेमाल के लिए की है, जबकि 42 फीसदी लोगों ने एक निवेश के रूप में संपत्ति को खरीदा है। निवेश के रूप में संपत्ति खरीदने वालों की संख्या में पिछले सर्वे के मुकाबले 10 फीसदी का इजाफा हुआ है।
सस्ते कर्ज से 58 फीसदी ग्राहक आकर्षित
दिल्ली एनसीआर में आकर्षित कीमतों से ज्यादा प्रभावी रेरा कानून ने 50 फीसदी खरीदारों को 2018 में रियल एस्टेट बाजार में प्रवेश करने को प्रेरित किया था। इसके अलावा कोलकाता में लगभग 58 फीसदी ग्राहकों ने सस्ती होम लोन दर के कारण रिल्यटी क्षेत्र में कदम रखने का निर्णय लिया है।
दो मकानों पर निवेश बेहतर
हाल ही में पेश किए गए बजट में संपत्ति निवेशकों के लिए कई लाभ पेश किए गए हैं। इसमें सरकार ने किराए से कमाई पर टीडीएस की सीमा 1.8 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.4 लाख रुपये कर दी थी। इसके साथ ही एक मकान से आने वाले किराए पर मिली टैक्स छूट से भी ग्राहकों के बीच दो मकान खरीदने की धारणा बढ़ी है।