एक सितंबर से जीरो बैलेंस खाते में मिलेंगी कई नई सुविधाएं
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देशभर में करोड़ों जीरो बैलेंस खाताधारकों (जनधन खाताधारकों) को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक सितंबर से कई नई सुविधाएं देने की घोषणा की है। आरबीआई ने बेसिक बचत खाताधारकों के लिए एक नई एडवायजरी जारी की है, जिसे अब को-ऑपरेटिव बैंकों को भी पालन करना पड़ेगा। यह खाता किसी भी बैंक में खोला जा सकता है।
नहीं देना पड़ेगा शुल्क
आरबीआई ने कहा है कि नई सुविधाओं को लेने के लिए जीरो बैलेंस खाताधारकों को किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ेगा। जीरो बैलेंस खाता वो लोग खुलवा सकते हैं, जो अपने खाते में किसी तरह का मिनिमम बैलेंस नहीं रखना चाहते हैं और हर महीने वो चार से भी कम ट्रांजेक्शन करते हैं।
यह मिलेंगी नई सुविधाएं
- एडवायजरी नोट के मुताबिक जीरो बैलेंस खाताधारक अब बैंक की शाखा के अलावा एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीन में अपना पैसा जमा कर सकेंगे।
- खाताधारकों के खाते में पैसा फंड ट्रांसफर या फिर यूपीआई की मदद से भी जमा हो सकेगा। यह महीने में कितनी भी बार किया जा सकेगा।
- वहीं लोग महीने में एटीएम सहित चार बार पैसा निकाल सकेंगे।
- ऐसे खाताधारकों को एटीएम सह डेबिट कार्ड भी मिलेगा।
- बैंक ऐसे ग्राहकों को चेक बुक भी जारी कर सकते हैं।
- बैंक किसी भी ग्राहक को चेक बुक सुविधा लेने पर उसके खाते को बचत खाते में नहीं बदल सकते हैं।
आरबीआई ने सभी बैंकों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि नियमों में छूट का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा। अभी तक इन खाताधारकों के चेकबुक जैसी अतिरिक्त सुविधा लेने पर बेसिक बचत खाता सामान्य खाते में बदल जाता है और उपभोक्ता को मिनिमम बैलेंस रखने के साथ अन्य तरह के चार्ज का भुगतान करना पड़ता है।
आरबीआई ने बैंकों को जारी निर्देश में स्पष्ट कहा है कि इन खाताधारकों को अब कुछ निश्चित सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा बैंक अब बिना कोई शुल्क लिए खाताधारक को चेकबुक उपलब्ध करा सकते हैं और उन्हें मिनिमम बैलेंस रखने की बाध्यता भी नहीं रहेगी।