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निवेश के मंत्र 49: PAN कार्ड रद्द होने पर नहीं होंगे ये काम, जानें क्यों जरूरी है परमानेंट अकाउंट नंबर?
Wed, 17 Jun 2020 04:37 PM IST
Tanuja Yadav
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 17 Jun 2020 04:37 PM IST
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पैन कार्ड रद्द होने पर नहीं होंगे कई काम
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आज के समय में किसी फाइनेंशियल या बैंकिंग से जुड़े काम करने के लिए परमानेंट अकाउंट नंबर की जरूरत पड़ती है। अगर आपके पास पैन कार्ड कार्ड नहीं होगा तो आप कई वित्तीय और बैंक से जुड़े काम नहीं कर पाएंगे। इसलिए आयकर विभाग की ओर से पैन कार्ड बनाना जरूरी बताया गया है, यही नहीं 30 जून से पहले पैन कार्ड और आधार कार्ड को आपस में लिंक भी करना है ताकि पैन कार्ड रद्द ना हो जाए। आइए जानते हैं कि किन कामों के लिए पैन कार्ड की जरूरत पड़ती है...
आयकर विभाग की ओर से होता है जारी
परमानेंट अकाउंट नंबर दस संख्या का होता है और इसे देश का आयकर विभाग जारी करता है। इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए परमानेंट अकाउंट नंबर अनिवार्य बताया गया है। इसके अलावा बैंक से जुड़े कई अन्य कामों के लिए पैन कार्ड या पैन नंबर को जरूरी बताया गया है।
अगर आपको पांच लाख रुपये या उससे ज्यादा की अचल संपत्ति खरीदनी है तो इसके लिए भी पैन नंबर की जरूरत पड़ेगी। आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर इस तरह के सभी नियमों और दिशा-निर्देशों को साफ-साफ बताया गया है।
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आयकर रिटर्न भरने के लिए पैन जरूरी
आयकर विभाग ने रिटर्न भरने के लिए परमानेंट अकाउंट नंबर को अनिवार्य किया है और अब रिटर्न भरने से पहले आधार और पैन कार्ड को लिंक करना जरूरी है, अगर लिंक नहीं किया जाएगा तो रिटर्न नहीं भरी जा सकेगी। आयकर विभाग के मुताबिक बैंक ड्राफ्ट की नकद खरीद, पे ऑर्डर या एक दिन में 50,000 रुपयो या उससे ऊपर के बैंकर्स चेक के लिए भी पैन कार्ड देना अनिवार्य होता है।
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए पैन जरूरी
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम में भी 50,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर आपको अपने पैन नंबर की जानकारी देनी ही होगी। अगर बाजार में पैसा लगाना है या कंपनी के शेयर्स खरीदने हैं तो इसके लिए भी पैन की जरूरत होती है। खासकर उस मामले में जब आप कंपनी को शेयर के बदले 50,000 रुपये या उससे ज्यादा भुगतान करते हैं। कंपनी के डिबेंचर और बॉण्ड खरीदने के लिए भी पैन देना अनिवार्य है।
पोस्ट ऑफिस में राशि जमा करने के लिए पैन जरूरी
पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट में भी 50,000 रुपये से अधिक की नकदी जमा करने पर पैन नंबर देना अनिवार्य है। क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड के आवेदन के लिए भी पैन कार्ड दिया जाता है, इससे आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की जानकारी हासिल की जाती है। होटल और रेस्त्रां में 25,000 रुपये से ऊपर के बिल के लिए भी पैन कार्ड देना अनिवार्य है।
म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए पैन जरूरी
एक लाख रुपये से ज्यादा की कीमत वाली सिक्योरिटीज और म्युचुअल फंड्स यूनिट्स को खरीदने पर भी पैन नंबर को अनिवार्य किया गया है। इसकी सीमा भी 50,000 रुपए या उससे ज्यादा के भुगतान पर है। वित्तीय संस्थानों में टाइम डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में 50,000 रुपये से ज्यादा रकम जमा करने पर पैन कार्ड जरूरी है।
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आयकर विभाग की ओर से होता है जारी
परमानेंट अकाउंट नंबर दस संख्या का होता है और इसे देश का आयकर विभाग जारी करता है। इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए परमानेंट अकाउंट नंबर अनिवार्य बताया गया है। इसके अलावा बैंक से जुड़े कई अन्य कामों के लिए पैन कार्ड या पैन नंबर को जरूरी बताया गया है।
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अगर आपको पांच लाख रुपये या उससे ज्यादा की अचल संपत्ति खरीदनी है तो इसके लिए भी पैन नंबर की जरूरत पड़ेगी। आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर इस तरह के सभी नियमों और दिशा-निर्देशों को साफ-साफ बताया गया है।
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आयकर रिटर्न भरने के लिए पैन जरूरी
आयकर विभाग ने रिटर्न भरने के लिए परमानेंट अकाउंट नंबर को अनिवार्य किया है और अब रिटर्न भरने से पहले आधार और पैन कार्ड को लिंक करना जरूरी है, अगर लिंक नहीं किया जाएगा तो रिटर्न नहीं भरी जा सकेगी। आयकर विभाग के मुताबिक बैंक ड्राफ्ट की नकद खरीद, पे ऑर्डर या एक दिन में 50,000 रुपयो या उससे ऊपर के बैंकर्स चेक के लिए भी पैन कार्ड देना अनिवार्य होता है।
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए पैन जरूरी
लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम में भी 50,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर आपको अपने पैन नंबर की जानकारी देनी ही होगी। अगर बाजार में पैसा लगाना है या कंपनी के शेयर्स खरीदने हैं तो इसके लिए भी पैन की जरूरत होती है। खासकर उस मामले में जब आप कंपनी को शेयर के बदले 50,000 रुपये या उससे ज्यादा भुगतान करते हैं। कंपनी के डिबेंचर और बॉण्ड खरीदने के लिए भी पैन देना अनिवार्य है।
पोस्ट ऑफिस में राशि जमा करने के लिए पैन जरूरी
पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट में भी 50,000 रुपये से अधिक की नकदी जमा करने पर पैन नंबर देना अनिवार्य है। क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड के आवेदन के लिए भी पैन कार्ड दिया जाता है, इससे आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की जानकारी हासिल की जाती है। होटल और रेस्त्रां में 25,000 रुपये से ऊपर के बिल के लिए भी पैन कार्ड देना अनिवार्य है।
म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए पैन जरूरी
एक लाख रुपये से ज्यादा की कीमत वाली सिक्योरिटीज और म्युचुअल फंड्स यूनिट्स को खरीदने पर भी पैन नंबर को अनिवार्य किया गया है। इसकी सीमा भी 50,000 रुपए या उससे ज्यादा के भुगतान पर है। वित्तीय संस्थानों में टाइम डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में 50,000 रुपये से ज्यादा रकम जमा करने पर पैन कार्ड जरूरी है।