नए साल में होती रहेगी रुपयों की बरसात, अगर करेंगे यह 7 काम तो जल्द बनेंगे अमीर
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बनवा लें अपना वित्तीय पोर्टफोलियो
निवेश, बचत और ज्यादा से ज्यादा टैक्स छूट पाने के लिए सबसे पहले आपको एक अच्छे वित्तीय प्लानर से अपना पोर्टफोलियो बनवा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पोर्टफोलियो की मदद से आप आसानी से अपनी सैलरी से खर्च व बचत का अनुपात तय कर पाएंगे।बनाएं खर्चों की लिस्ट
नए साल में अपने सबसे बड़े खर्चों की एक लिस्ट बनाकर तैयार करें। आपको लंबी छुट्टी पर जाना हो या फिर लोन अथवा क्रेडिट कार्ड का बिल पूरा करना हो अथवा घर या फिर गाड़ी खरीदनी हो, तो इसका एक प्लान अपने बजट के अनुसार तैयार करें। इससे आप ज्यादा से ज्यादा पैसा बचा सकेंगे।बचत के लिए निवेश करना है जरूरी
बचत की आदत बनाने के लिए निवेश करना जरूरी है। एक अच्छा प्लानर वो है जो आपके बैंक में पड़े पैसे को कई जगह पर निवेश करें। इससे लंबे समय में अच्छा खासा पैसा आप रिटर्न में पा सकते हैं।बचत करने के लिए बनाएं बजट
बचत करने के लिए हमेशा लोगों को अपना मासिक बजट तैयार करना चाहिए। सैलरी आते ही सबसे पहले टैक्स, ईएमआई और घर के रोजाना होने वाले खर्च को प्लान करें। इस बचत के पैसे को बिना सोचे समझे निवेश न करें। ऐसे में आप नुकसान में फंस सकते हैं।
कैसे करें मनी मैनेजमेंट
वित्तीय प्लानिंग में सबसे जरूरी काम है मनी मैनेजमेंट। हर माह बजट बनाएं। बचत का पैसा सैलरी अकाउंट से ही सेविंग अकाउंट में डाल दें या उसकी एफडी बना दे। इस तरह आप चाह कर भी वो पैसा नहीं खर्च कर पाएंगे जो बचत के लिए रखा गया है।
खर्च को लिखते रहें और एक इमरेजेंसी फंड बनाना बिल्कुल ना भूलें। व्यर्थ के खर्चों को कम करें और जेब खर्च को भी कंट्रोल करें। यदि सैलरी कम हो तो कम से कम छोटी ही सही एफडी प्लान करे ताकि आपकी भविष्य की जरूरतों के लिए काम आए।
मनी मैनेजमेंट एक बेहतर प्लानिंग का हिस्सा है। पैसा कमाना जितना आसान ही है उतना ही मुश्किल है बचाना। बेहतर है कि आप पर्सनल फाइनेंस के लिए वित्तीय सलाहकार की सलाह लें।
म्यूचुअल फंड में करें एसआईपी
हालांकि, कोई फंड यदि आपके दोस्त की वित्तीय जरूरतों को पूरा करता है तो जरूरी नहीं कि वह आपके लिए भी उपयुक्त हो। लेकिन भ्रमित होने की वजह से आपको म्यूचुअल फंड की संभावनाएं खोजने से नहीं रोकना चाहिए। उपलब्ध विकल्पों से डरने के बजाय केवल उस फंड को तलाशने के लिए आत्मनिरीक्षण करना होगा जो आपके लिए सबसे अच्छा है।
व्यापक रूप से देखें तो म्यूचुअल फंड को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है यानी इक्विटी, ऋण और हाइब्रिड में। प्रत्येक श्रेणी एक विशिष्ट लक्ष्य को पूरा करने के लिए है। इसके अलावा प्रत्येक फंड से निवेशक के लिए विभिन्न निहितार्थ होते हैं।
रिटायरमेंट के लिए करें ऐसे प्लानिंग
आबादी का बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र में हमारी कामकाजी आबादी का काफी बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र का है और इनके लिए एक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली की अनुपस्थिति में रिटायरमेंट प्लानिंग अत्यधिक आवश्यक है। व्यक्ति को इस परिदृश्य के बारे में भी सोचना चाहिए जहां वह रिटायरमेंट के बाद ज्यादा वर्ष नहीं जी पाता, पर उसका जीवनसाथी जीवित रहता है। ऐसी स्थिति में आश्रित जीवनसाथी के लिए एक वित्तीय सहायता उपलब्ध होना आवश्यक है।ढेर सारे साधनों में किसे चुनें
पेंशन को ध्यान में रखते हुए निवेश के ढेर सारे साधन मौजूद हैं जो व्यक्ति को रिटायरमेंट पर एकमुश्त राशि जमा करने की अनुमति देते हैं। व्यक्ति विभिन्न साधनों जैसे एग्रेसिव मार्केट लिंक्ड प्रोडक्ट्स से लेकर पुराने प्रोडक्ट्स को चुन सकता हैं। बैंक, म्यूचुअल फंड कंपनियां तथा लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां ऐसे परंपरागत प्रोडक्ट्स ऑफर करती हैं। हालांकि, इस तरह के साधनों में प्रचलित ब्याज दरों पर जीवनभर एक निश्चित आय की गांरटी का अभाव होता है।अजय सुरेश केडिया
निदेशक
केडिया कमोडिटी