1 अप्रैल से बदल जाएंगे इनकम टैक्स के यह 5 नियम, आपको जानना बेहद जरूरी
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एलटीसीजी पर टैक्स
शेयर और इक्विटी वाले म्यूचुअल फंड में अगर एक लाख रुपये से अधिक का प्रॉफिट होता है, तो फिर इस पर 10 फीसदी लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। हालांकि सरकार ने कहा है कि जो शेयर लिस्टेड नहीं हैं उन पर किसी तरह का कोई एलटीसीजी टैक्स नहीं लगेगा।
सिंगल प्रीमियम वाली हेल्थ पॉलिसी पर टैक्स
अगले वित्त वर्ष से सिंगल प्रीमियम वाली हेल्थ पॉलिसी, जिसका टर्म एक साल से अधिक का होगा उस पर टैक्स देना होगा। इस पर टैक्स में उतनी ही छूट मिलेगी जितने सालों के लिए कवर लिया जाएगा।
सरकारी बॉन्ड में निवेश पर एलटीसीजी में छूट
अगर कोई व्यक्ति सरकारी बॉन्ड में निवेश करता है तो उसको सेक्शन 54 ईसी के तहत इस पर होने वाले लांग टर्म कैपिटल टैक्स गेन में छूट मिलेगी। हालांकि इस बॉन्ड को कम से कम 3 साल के लिए रखना होगा।
गंभीर बीमारी के लिए 1 लाख रुपये का कवर
80डीडीबी के अंतर्गत गंभीर बीमारी से संदर्भ में चिकित्सा खर्च के लिए कटौती सीमा को वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 60 हजार रुपये से और अति वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 80 हजार रुपये से बढ़ाकर सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक लाख रुपए का प्रस्ताव किया। इन रियायतों से वरिष्ठ नागरिकों को 4 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर लाभ प्राप्त होगा।
स्टैंडर्ड डिडक्शन में मिलेगी 40 हजार की छूट
प्रत्येक टैक्सपेयर को रिटर्न फाइल करते वक्त 40 हजार रुपये की छूट मिलेगी। हालांकि इसका सबसे ज्यादा फायदा कम टैक्स देने वालों को मिलेगा। इससे प्रत्येक व्यक्ति की टैक्सेबल इनकम में कम से कम 5800 रुपये की बचत होगी।