डाकघर ने छोटे निवेश को देशभर में बनाया लोकप्रिय

नई दिल्ली/उमेश्वर कुमार Updated Wed, 17 Oct 2012 06:42 PM IST
post office made small investments ??popular
इतिहास के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है कि आधुनिक भारत के सुदृढ़ीकरण में भारतीय रेल और पोस्ट ऑफिस का बड़ा भारी योगदान रहा है। आजादी से पहले देश के हर हिस्से को जोड़ने में इनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। प्रशासन के लिहाज से भी और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी। लेकिन बात यहीं पर समाप्त नहीं हो जाती, देश में छोटे निवेश के प्रति भाव जगाने में भी पोस्ट ऑफिस की ही पहल रही है।

गांवों तक पोस्ट ऑफिस की पहुंच ही इसकी सबसे बड़ी ताकत रही है, हालांकि कालक्रम में इसे जितना मजबूत होना चाहिए था उतना नहीं हो पाया। या यूं कहें कि टेक्नोलॉजी की गति का गांवों तक के पोस्ट ऑफिस में तालमेल नहीं बन पाया है।

बावजूद इसके, छोटे निवेश के लिए पोस्ट ऑफिस की जमा योजनाओं में अद्भुत ताकत है। इसकी ताकत में इसकी शाखाओं की संख्या के अलावा जमा योजनाओं के पीछे भारत सरकार की मुहर  शामिल है। आजादी के समय देश में सिर्फ 23,344 पोस्ट ऑफिस थे, जो देश के शहरी क्षेत्रों में ही सीमित थे।

मार्च 2009 के आंकड़े के अनुसार इनकी संख्या 1,55,015 है, जिसमें से 1,55,015 यानी 89.76 फीसदी देश के ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। ग्रामीण इलाकों में सेवा बढ़ाने को ध्यान में रखते हुए इस संख्या में अबतक करीब सात गुना इजाफा हुआ है। भारत में पोस्ट ऑफिस का नेटवर्क दुनिया भर में सबसे बड़ा है। एक पोस्ट ऑफिस औसतन 21.21 वर्ग किलोमीटर और 7,175 लोगों की आबादी को अपनी सेवाएं देता है।

पोस्ट ऑफिस की सारी जमा योजनाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। देश का कोई भी नागरिक चैन से यहां अपनी रकम जमा कर सकता है। जमाकर्ता को नॉमिनेशन यानी नामित की भी सुविधा प्राप्त है और वह जब चाहे नामित के नाम में परिवर्तन कर सकता है। ग्रामीण भारत में पोस्ट ऑफिस की छवि एक तरह से निवेश के मंदिर के रूप में बनी रही है। कॉम्लेक्स जमा योजनाओं के विकल्प देने वाले तकनीक और मार्केटिंग की माडर्न टीम से सुसज्जित संस्थानों की तुलना में निवेश के साधारण विकल्प देने वाले पोस्ट ऑफिस की साख आमजन में जबरदस्त है।
 
बढ़ती मुद्रास्फीति के दौर में छोटे निवेश में पर्याप्त रिटर्न नहीं मिलने सहित अन्य मुद्दों पर जवाब तलाशने के लिए रिजर्व बैंक की डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया था। समिति ने 8 जुलाई 2010 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में छोटी बचत को सशक्त बनाने के लिए कई सिफारिशें थीं, जिनमें बचत खाते पर ब्याज दर को 3.5 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी करना और पीपीएफ में सालाना जमा की सीमा 70 हजार रुपये से बढ़कर एक लाख रुपये करना भी शामिल था। सरकार ने इन सिफारिशों को माना भी।

निवेश के लिहाज से पोस्ट ऑफिस में कई विकल्प हैं जिनमें बचत जमा खाता, रेकरिंग खाता, मासिक आय योजना (एमआईएस), पीपीएफ, सावधि जमा, सीनियर सिटीजन बचत योजना और राष्ट्रीय बचत पत्र शामिल है। इसके अलावा, पोस्ट ऑफिस दो तरह की जीवन बीमा - पोस्टल लाइफ और ग्रामीण पोस्टल लाइफ का भी पावरफुल विकल्प देता है।

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