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सिर्फ वसीयत लिखने से नहीं मिलेगी परिजनों को संपत्ति

Thu, 17 Jan 2013 05:46 PM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क Updated Thu, 17 Jan 2013 05:46 PM IST
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only writing bequest families will got assets

वसीयत लिखने के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि हमारे परिवार के सदस्यों को हमारी संपत्ति व वित्तीय व्यवहार की जानकारी उपलब्ध हो। क्योंकि, महज नॉमिनेशन कर देने या वसीयत लिख देने से वसीयतकर्ता की मृत्यु के बाद वारिसों को संपत्ति मिल जाना सुनिश्चित नहीं है।

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मान लीजिए, किसी व्यक्ति ने बैंक में हजारों रुपये जमा कर रखे हैं और उसके परिजनों को इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे में यदि अचानक उसकी मौत हो जाती है, तो उसके द्वारा जमा की गई रकम उसके परिजनों के काम नहीं आ सकेगी और वह बैंक में अनक्लेम्ड राशि के रूप में पड़ी रहेगी।
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गौर करने वाली बात यह है कि जीवन भर आपने मेहनत कर अपने परिवार के लिए पूंजी जमा की और महज जानकारी के अभाव में आपकी असमय मृत्यु होने पर, जब उसकी सबसे अधिक जरूरत पड़ेगी, वह उन्हें नहीं मिल पाएगी। इसलिए, केवल वसीयत लिख देना या खातों वगैरह का नॉमिनेशन कर देना ही पर्याप्त नहीं है।
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बल्कि, परिवार के सदस्यों या वारिसों को अपनी संपत्ति व वित्तीय व्यवहार की जानकारी देना भी जरूरी है। यदि आप परिवार के पूरे सदस्यों को इसकी जानकारी नहीं देना चाहते हैं तो कम से कम एक विश्वसनीय व्यक्ति को यह जानकारी जरूर देकर रखें।

-यदि आपने वसीयत निष्पादित कर रखी है तो यह बताकर रखें कि वसीयत की असल कहां है।

-पावर ऑफ अटार्नी कर रखी है तो वह किन कार्यों के लिए, किसके पक्ष में हैं और उसकी कॉपी कहां है, यह जानकारी परिजनों को अवश्य होनी चाहिए।

-जीवन बीमा पॉलिसी, दुर्घटना बीमा पॉलिसी आदि की असल, नॉमिनी का नाम, क्लेम प्रक्रियाएं के समय लगने वाले दस्तावेज और क्लेम के संबंध में संपर्क किए जाने वाले एजेंट या बीमा कंपनी के कार्यालय का पता व फोन नंबर जरूर लिखकर व बताकर रखें।

-कई बार विभिन्न योजनाओं मसलन क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, लोन आदि में भी जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा लाभ प्राप्त होते हैं। ऐसे सभी बीमा लाभ का विवरण एवं दस्तावेज की जानकारी परिवार के सदस्यों को देनी चाहिए।

-सभी चल संपत्ति जैसे बैंक एकाउंट, फिक्स डिपॉजिट, पीपीएफ  एकाउंट, डिमेट एकाउंट, म्यूचुअल फंड, शेयर, बांड, कंपनी में डिपॉजिट, व्यक्तियों को दी गई राशि, सिक्यूरिटी डिपॉजिट आदि का विवरण एवं उससे संबंधित दस्तावेज की जानकारी भी परिवार के सदस्यों को होना जरूरी है।

-वसीयतकर्ता को अपने सभी दायित्वों का पूरा विवरण एवं उससे संबंधित दस्तावेजों के बारे में जरूर बताकर रखना चाहिए।  

-यदि कारोबारी हैं, तो कारोबार से संबंधित सभी व्यवहार की जानकारी कहां और कैसे प्राप्त की जा सकती है। इसके बारे में परिजनों को जरूर बताएं।

-डिजिटल युग में हम बहुत से कार्य कंप्यूटर, इंटरनेट, ई-मेल आदि के जरिए करते हैं। ऐसे में इनसे संबंधित पासवर्ड आदि की जानकारी भी देना चाहिए। लेकिन यदि आप अपने जीवनकाल में इसे गोपनीय रखना चाहते हैं तो एक नियत स्थान पर उसकी जानकारी कोडवर्ड में लिखकर रख सकते हैं एवं स्थान व कोडवर्ड की जानकारी अपने विश्वसनीय व्यक्ति को दे सकते हैं।

-पैनकार्ड, टैक्स रिटर्न, पासपोर्ट, गाड़ी संबंधित दस्तावेज, लाइसेंस, जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी जैसे अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज कहां रखे हैं, इसकी भी जानकारी निश्चित रूप से परिजनों को दी जानी चाहिए।


-सबसे महत्वपूर्ण यह कि सभी दस्तावेज एवं जानकारी एक फाइल में भी संपूर्ण विवरण के साथ रखी जाना चाहिए। साथ ही समय-समय पर उसे अपडेट करते रहना चाहिए। अपडेट करने पर उस दिन की तारीख निश्चित रूप से फाइल पर लिख दी जानी चाहिए।

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