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ऑनलाइन शॉपिंगः सहूलियत बड़ी, धोखे भी कम नहीं
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Mon, 29 Oct 2012 06:03 PM IST
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भागमभाग भरी जीवनशैली में खरीदारी के ढेरों विकल्प घर बैठे या ऑफिस में काम करते वाजिब कीमतों पर मिल जाए, तो इससे ज्यादा सुखद और सुकून देने वाली बात क्या हो सकती है। इससे जहां आपका समय और पैसा बचता है, वहीं बेवजह की भागदौड़ भी नहीं करनी पड़ती है।
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‘ऑनलाइन शॉपिंग’ ऐसा ही एक तरीका है जो बिना शॉपिंग मॉल्स या बाजार गए इंटरनेट के जरिये लगभग हर चीज खरीदने की सुविधा उपलब्ध कराता है। ऑनलाइन शॉपिंग के जरिये किताब, मोबाइल फोन या अन्य स्मार्ट डिवाइसेस, इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट, अपैरल आदि की खरीदारी घर बैठे कर सकते हैं।
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ऑनलाइन शॉपिंग सुविधाजनक और किफायती हैं। लेकिन, इस राह में खतरे भी कम नहीं हैं। ऑनलाइन का विकल्प जितना लुभावना और सहज लगता है, यदि उसमें थोड़ी सी भी चूक हो जाए, तो वह काफी घातक भी साबित हो सकता है।
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ऑनलाइन खरीदारी की राह के जोखिम
ऑनलाइन खरीदारी के समय आमतौर पर लोगों के जेहन में कई तरह के सवाल उठते हैं। जैसेकि प्रोडक्ट खराब तो नहीं निकल जाएगा, कितने दिन में प्रोडक्ट मिल जाएगा, पेमेंट में कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं हो जाएगी, ज्वेलरी या कंज्यूरमर ड्यूरेबलस जैसे महंगे प्रोडक्ट खरीदना ठीक रहेगा या नहीं वगैरह वगैरह। निश्चित रूप से इस तरह के सभी सवाल वाजिब हैं। ऑनलाइन खरीदारी में इनके खतरे बने रहते हैं।
आमतौर पर किसी मार्केट या शॉपिंग स्टोर में जाकर खरीदारी करने की प्रक्रिया आसान होती है। आपको प्रोडक्ट पसंद आ गया, आपने तुरंत भुगतान किया और लेकर चलते बने। लेकिन, ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोडक्ट की बुकिंग और भुगतान करने के बाद भी उसे आप तक पहुंचने में 15 दिन तक का समय लग जाता है।
कई बार प्रोडक्ट की डिलवरी गलत पते पर हो जाती है या जब आप घर पर नहीं रहते तब प्रोडक्ट की डिलवरी करने वाला आ जाता है। प्रोडक्ट्स की डिलवरी में ट्रांसपोर्ट के दौरान उसके टूटने या डुप्लिकेट प्रोडक्ट की डिलवरी की आशंका बनी रहती है। अगर बुक कराया गया प्रोडक्ट अपैरल या फुटवेयर है तो उसके साइज में भी अंतर हो सकता है। क्योंकि अलग-अलग ब्रांड के साइज में अंतर आ जाता है।
इससे भी कहीं अधिक जोखिम आपकी भुगतान प्रक्रिया और संबंधित वेबसाइट को मुहैया कराई जाने वाली जानकारी की सुरक्षा को लेकर है। आमतौर पर ऑनलाइन शॉपिंग के लिए संबंधित वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। ऐसे में इस बात की आशंका बनी रहती है कि आपका डेटा चोरी हो सकता है या इसका गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
वहीं, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से भुगतान करने में यह डर बना रहता है कि पेमेंट गेटवे पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। कोई भी जालसाज या साइबर ठग आपकी गोपनीय सूचनाएं हैक कर आपको हजारों या लाखों रुपये की चपत लगा सकता है। ऐसे में ऑनलाइन शॉपिंग में सजग रहने के साथ कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं।