{"_id":"a5e4a1f4-21c5-11e2-9bfd-d4ae52bc57c2","slug":"online-shopping-many-avenues-for-complain","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकायत के लिए मौजूद हैं कई रास्ते","category":{"title":"Personal Finance","title_hn":"पर्सनल फाइनेंस","slug":"personal-finance"}}
शिकायत के लिए मौजूद हैं कई रास्ते
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Mon, 29 Oct 2012 06:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रचलन के बीच इससे जुड़ी शिकायतें भी बढ़ती जा रही हैं। कंपनी द्वारा पेमेंट ले लेने के बाद भी माल सप्लाई न करने या देरी से सप्लाई करने जैसी शिकायतें काफी आम हैं। ऐसे मामलों में सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि ग्राहक को यह पता नहीं होता कि अपनी शिकायत किसके पास दर्ज कराई जाए। ऐसे में यह जान लेना उपयोगी होगा कि ग्राहक को सबसे पहले अपनी शिकायत उस शॉपिंग पोर्टल पर ही दर्ज करानी चाहिए।
विज्ञापन
आमतौर पर इन वेबसाइटों पर ग्राहकों की शिकायतों के निवारण के लिए कस्टमर हेल्प लाइन नंबर दिए रहते हैं, जिनपर बात करके ग्राहक अपनी परेशानी बता सकते हैं। कस्टमर केयर या हेल्प लाइन से बात करके भी अगर मामला नहीं सुलझता, तो कंपनी से लिखित शिकायत की जा सकती है।
विज्ञापन
शिकायत दर्ज कराने के लिए वेबसाइट पर लिंक दिया रहता है, जिसपर जाकर आप अपनी परेशानी का पूरा विवरण दे सकते हैं। लिंक न होने पर वेबसाइट पर ‘कांटेक्ट अस’ लिंक पर क्लिक करके कंपनी का पता हासिल कर आप अपनी शिकायत लिखित में भेज सकते हैं। इसमें एक दिक्कत यह आती है कि कभी-कभी यह पता सही नहीं होता। इसके बावजूद घबराने की जरूरत नहीं हैं। क्योंकि किसी सामान के लिए ग्राहक की ओर से भुगतान किए जाने और शिकायत के बावजूद भी माल की डिलीवरी न करना भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के तहत अपराध हो सकता है।
विज्ञापन
आपको इस की रिपोर्ट (एफआईआर) उस पुलिस स्टेशन में दर्ज करानी चाहिए जिस की स्थानीय अधिकारिता के अंतर्गत स्थित कंप्यूटर से आप ने आदेश दिया है। पुलिस को इस मामले पर कार्रवाई करनी चाहिए। यदि पुलिस आनाकानी करती है तो आप उसी पुलिस स्टेशन की स्थानीय अधिकारिता पर क्षेत्राधिकार रखने वाले मजिस्ट्रेट के न्यायालय में शिकायत प्रस्तुत कर यह प्रार्थना कर सकते हैं कि शिकायत को अन्वेषण के लिए पुलिस को प्रेषित किया जाए।
इसके अलावा जिला उपभोक्ता अदालत के समक्ष भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, लेकिन इससे पहले पुलिस के पास अपनी शिकायत अवश्य ही दर्ज करवानी चाहिए। आप के बैंक खाते से पैसा जिस खाते में ट्रांसफर हुआ है उस के आधार पर पुलिस को वास्तविक अपराधियों को खोज निकालने में सुविधा होगी।