एनपीएस से बुढ़ापे में पेंशन के साथ कर छूट का लाभ

कारोबार डेस्क Updated Mon, 01 Oct 2012 09:19 AM IST
NPS with old age pension get tax benefits
रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) एक अच्छा विकल्प है। यह एक लांगटर्म की सेविंग स्कीम है। जनवरी 2004 में केंद्र सरकार ने केवल सरकारी कर्मचारियों (केंद्र व राज्य) के लिए एनपीएस की शुरुआत की थी। बाद में, 1 मई 2009 से इस स्कीम की सुविधा हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध करा दी गई। एनपीएस में व्यक्ति को दोतरफा लाभ मिलता है। बुढ़ापे में पेंशन का लाभ लेने के साथ टैक्स बचाने के लिहाज से भी यह उपयुक्त स्कीम है।

एनपीएस को लोकप्रिय बनाने और इसमें निवेश बढ़ाने के लिए आम बजट 2010-11 में तत्कालीन वित्तमंत्री ने ‘स्वावलंबन स्कीम’ की शुरुआत की। इसके तहत, वित्तीय वर्ष 2010-11 में खोले जा रहे असंगठित क्षेत्र के न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) खातों में सरकार की ओर से भी 3 वर्षों तक 1,000 रुपये का अंशदान करने की घोषणा की गई। न्यू पेंशन स्कीम में 18 से 60 साल का कोई भी भारतीय निवेश कर सकता है।

इसमें हर माह कम से कम 500 रुपये 60 साल की उम्र तक जमा करना होगा। जमा राशि में से 60 फीसदी भुगतान 60 साल की उम्र में मिलेगा, जबकि शेष 40 फीसदी राशि से हर माह पेंशन मिलेगी। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) एनपीएस का नियमन करता है।

पीएफआरडीए ही एनपीएस के तहत किए जाने वाले निवेश और इसके संचालन से संबंधित नियमों व मानकों का निर्धारण करता है। एनपीएस की एक अच्छी खासियत यह है कि इसमें निवेशक को एसेट क्लास चुनने का विकल्प मिलता है। एनपीएस में लगा पैसा विभिन्न एसेट क्लास ई, सी और जी में निवेश किया जाता है। एनपीएस में फंड मैनेजमेंट के लिए सरकार द्वारा प्रोफेशनल फंड हाउसेस नियुक्त किए गए हैं। इस स्कीम में निवेशकों पर खर्चों का भार अन्य पेंशन स्कीमों के मुकाबले लगभग नगण्य होता है।

टैक्स बचाने में कारगर एनपीएस
एनपीएस में निवेश के जरिए टैक्स की भी बचत की जा सकती है। आयकर कानून की धारा 80 सीसीडी के तहत वेतनभोगी कर्मचारी सालाना वेतन (बेसिक एवं डीए) का अधिकतम 10 फीसदी और सेल्फ एम्प्लायड ग्रॉस टोटल इनकम का अधिकतम 10 फीसदी एनपीएस में निवेश कर टैक्स में छूट हासिल कर सकता है। यह जान लें कि धारा 80सी, 80 सीसीसी एवं 80 सीसीडी के तहत अधिकतम छूट 1 लाख रुपये तक ही ली जा सकती है। प्रत्यक्ष कर संहिता प्रारूप यानी डीटीसी के मुताबिक एनपीएस के अंतर्गत निवेश पूरी तरह करमुक्त होगा। अगले वित्तवर्ष से डीटीसी के लागू होने की उम्मीद है।

दो तरह के अकाउंट होते हैं एनपीएस में
न्यू पेंशन स्कीम के तहत दो तरह के अकाउंट टीयर- 1 और टीयर- 2 खोले जा सकते हैं। टीयर- 1 अकाउंट एक तरह से रिटायरमेंट सेविंग अकाउंट है। इसमें एक समय में न्यूनतम 500 रुपये और एक साल में न्यूनतम 6,000 रुपये का अंशदान करना जरूरी है। एक साल में एक अंशदान होना चाहिए। इस  स्कीम में अधिकतम निवेश की सीमा नहीं है। इसकी निकासी परिपक्वता पर ही की जा सकती है। जबकि, टीयर- 2 अकाउंट का इस्तेमाल सेविंग अकाउंट की तरह किया जा सकता है। इस अकाउंट को न्यूनतम 1,000 रुपये से खोला जा सकता है। एक समय में न्यूनतम 250 रुपये व साल के अंत में खाते का न्यूनतम बैलेंस 2,000 रुपये होना आवश्यक है। इसमें आप टॉप अप योगदान कर सकते हैं और अपनी इच्छानुसार कभी भी निकासी  कर सकते हैं। टीयर- 2 खाता खोलने के लिए टीयर -1 खाता होना आवश्यक है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Business News in Hindi related to stock exchange, sensex news, finance, breaking news from share market news in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Business and more Hindi News.

Spotlight

Most Read

Personal Finance

सरकार ने दिया झटका, छोटी बचत योजनाओं पर घटाई ब्याज दर

बैंकों से मिलने वाले लोन की ब्याज दरों में कटौती की उम्‍मीद लगाए बैठे लोगों को सरकार ने उल्टा झटका दे दिया है।

28 दिसंबर 2017

Related Videos

बर्थडे पर जानें 1 रुपये का इतिहास, आज हुआ 100 साल का...

30 नवंबर 1917 को तब की अंग्रेज सरकार ने एक रुपये के नोट का देश में प्रचलन शुरू किया था।

30 नवंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper