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खत्म हो रही लोन मोरेटोरियम की सुविधा, तो RBI ने किया रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम का एलान

Sat, 08 Aug 2020 11:32 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sat, 08 Aug 2020 11:32 AM IST
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loan moratorium ending on 31 august know everything about restructuring scheme of RBI
लोन रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम - फोटो : अमर उजाला--रोहित झा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कोरोना वायरस महामारी के समय में ग्राहकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें लोन मोरेटोरियम की सुविधा दी, जिसकी अवधि 31 अगस्त के बाद समाप्त हो जाएगी। अब ग्राहक इस बात से चिंतित हैं कि इसके बाद उनके लोन का क्या होगा। लेकिन आरबीआई ने उनकी चिंताओं को दूर किया और लोन रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम लेकर आया। ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं कि रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम लोन मोरेटोरियम से कैसे अलग है और इससे उनपर क्या असर पड़ेगा। आइए जानते हैं आपके सभी सवालों के जवाब।

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क्या है लोन मोरेटोरियम पीरियड?
आरबीआई द्वारा दी गई लोन मोरेटोरियम की सुविधा के तहत ग्राहकों को ईएमआई टालने का विकल्प मिला। यानी अगर आपने बैंक से किसी भी प्रकार का लोन लिया है, तो आरबीआई ने आपको अपनी जरूरत के अनुसार, छह माह तक के लिए लोन की ईएमआई का भुगतान नहीं करने का विकल्प दिया।

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कब से शुरू हुआ था मोरेटोरियम?
केंद्रीय बैंक की ओर से ग्राहकों को छह महीने के लिए- मार्च, अप्रैल, मई, जून, जुलाई और अगस्त के लिए अपने लोन की ईएमआई टालने का विकल्प दिया गया। 

इसे कितनी बार बढ़ाया गया?
कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर ग्राहकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने पहले 1 मार्च 2020 से लेकर 31 मई 2020 तक सभी टर्म लोन के पेमेंट पर तीन महीने की मोहलत दी थी। बाद में इसे अतिरिक्त तीन महीने के लिए यानी अगस्त 2020 तक बढ़ाया गया।

मोरेटोरियम आगे नहीं बढ़ाने का क्या अर्थ है?
छह अगस्त 2020 को हुई एमपीसी बैठक में लोन की ईएमआई टालने की अवधि नहीं बढ़ाई गई। यानी 31 अगस्त के बाद मोरेटोरियम की अवधि खत्म हो जाएगी। जिन ग्राहकों ने इस सुविधा का लाभ उठाया था, उन्हें सितंबर से फिर से अपने होम लोन, व्हीकल लोन और पर्सनल लोन पर मार्च से पहले की तरह किस्त चुकानी होगी। 

अगस्त के बाद क्या क्रेडिट स्कोर प्रभावित होगा?
हां, अगर आप सितंबर से ईएमआई का भुगतान नहीं करते हैं, तो इससे ग्राहकों की क्रेडिट रेटिंग पर असर नहीं पड़ेगा। पहले जिन ग्राहकों ने छह महीनों की अवधि में अधिस्थगन की सुविधा ली थी, उनके क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ा।

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आगे ग्राहकों के लिए क्या है सुविधा?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया वन टाइम लोन रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम लेकर आया है। बैंक भी चाह रहे थे कि लोन रिस्ट्रक्चर करने की अनुमति मिले। इसके तहत अब बैंक अपने ग्रोहकों के लोन का रीपेमेंट शेड्यूल बदल सकते हैं। इसके तहत वे लोन की अवधि बढ़ा सकते हैं या पेमेंट हॉलीडे भी दे सकते हैं। 

क्या है लोन मोरेटोरियम और रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम में अंतर?
लोन मोरेटोरियम के तहत किस्तें न चुकाने की छूट दी गई थी। इस दौरान ब्याज आपके मूल धन में जोड़ा गया। वहीं रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम में बैंकों को ज्यादा अधिकार मिले। बैंक तय कर सकेंगे कि ईएमआई को घटाना है, लोन की अवधि बढ़ानी है, सिर्फ ब्याज वसूलना है, या ब्याज दर एड्जस्ट करनी है।

किसको मिलेगा लोन रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम का फायदा?
भारतीय रिजर्व बैंक ने कंपनियों से लेकर आम जनता तक के लिए लोन रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम की की शुरुआत की। इसके तहत जो कोरोना की वजह से नुकसान झेल रही विमानन कंपनियां, होटल और स्टील-सीमेंट कंपनियां भी अपना लोन रिस्ट्रक्चर कर सकती हैं। यह सुविधा सभी व्यक्तिगत लोन के लिए है। यानी होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन, या किसी भी प्रकार का लोन जो आपने खुद के नाम लिया है। मालूम हो कि 2008 के वित्तीय संकट के बाद पहली बार इसकी घोषणा हुई है। 

लोन रिस्ट्रक्चरिंग से आपको क्या फायदा होगा?
अगर आप भी लोन रिस्ट्रक्चरिंग स्कीम का फायदा उठाते हैं, तो आपका कर्ज एनपीए नहीं होगा। बैंक ग्राहकों से जबरदस्ती वसूली नहीं करेगा। आपकी ईएमआई कम हो सकेगी और आपके लोन की अवधि भी बढ़ जाएगी।

रिस्ट्रक्चरिंग में क्या मूलधन में छूट मिलेगी?
नहीं, किसी भी रिस्ट्रक्चरिंग के तहत आप सिर्फ लोन की अवधि बढ़ा सकते हैं ताकि आप पर भारी-भरकम ईएमआई का बोझ कम हो जाए और आप लंबे समय तक कम किस्त भरें।

कब तक मिलेगी रिस्ट्रक्चरिंग की सुविधा?
आरबीआई के अनुसार, ग्राहकों को दिसंबर तक का समय दिया गया है। बैंकों को दिसंबर तक लोन रिस्ट्रक्चरिंग करने को कहा गया है। हांलांकि केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि बैंकों को इसे जल्दी से जल्दी निपटाना चाहिए। 

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