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जेब पर कैंची, उत्तरी दिल्ली में रहना महंगा

Thu, 06 Dec 2012 01:10 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 06 Dec 2012 01:10 PM IST
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living in north delhi will be costlier

उत्तरी दिल्ली में रहने वालों की जेब पर कैंची चलाने की पुख्ता तैयारी कर ली गई है। आयुक्त ने बुधवार को 2012-13 के संशोधित और 2013-14 के अनुमानित बजट में हाउस टैक्स और पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी की सिफारिश की है।

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निगम के बजट पर मुहर लगने के साथ ही मकान मालिकों से दोगुना और कारोबारियों से तीन गुना हाउस टैक्स वसूला जाएगा। वहीं पार्किंग की फीस में भी दो से तीन गुना की वृद्धि हो जाएगी।
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अनुमानित बजट में आयुक्त पी के गुप्ता ने सभी श्रेणियों के हाउस टैक्स और वसूली की दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। हाउस टैक्स की श्रेणियों में जहां करीब 70 प्रतिशत वृद्धि करने की सिफारिश की गई है, वहीं कर वसूलने की दरों में तीन से पांच प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इसी तरह कमर्शियल परिसरों से वसूले जाने वाले हाउस टैक्स की दरें भी तीन से पांच प्रतिशत बढ़ाने की सिफारिश की है।
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बजट में पार्किंग फीस में भी भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। पार्किंग फीस की स्लैब बढ़ाई गई है। पार्किंग फीस के लिए दो के बजाए तीन स्लैब बनाए गए हैं। पहला स्लैब एक घंटे तक होगा, जबकि दूसरे स्लैब में छह घंटे तक वाहन खड़े किए जा सकेंगे। इसके चलते कार वालों को अब पार्किंग पर 20 से 75 रुपये तक खर्च करने पड़ेंगे।

इसके अलावा पीक आवर (शाम पांच से रात नौ बजे) में पार्किंग का इस्तेमाल करने पर 50 प्रतिशत अधिक फीस देनी होगी। इसी तरह होटल, गेस्ट हाउस, मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल को अब एक समान हाउस टैक्स देना होगा। इसके अलावा गैर-सरकारी अस्पतालों एवं शिक्षा संस्थानों को अब सरकारी अस्पतालों और शिक्षा संस्थानों से थोड़ी अधिक दर से हाउस टैक्स अदा करना होगा।


कैसे होगा अमल
आयुक्त का प्रस्तावित बजट जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में स्थायी समिति में लाया जाएगा। चर्चा के बाद संशोधनों के साथ इसे मंजूरी दी जाएगी, जिसके बाद अगले वित्तीय वर्ष से यह लागू हो जाएगा। समिति का यह विशेषाधिकार है कि वह प्रस्तावित बजट को वापस कर सकती है। हालांकि आम तौर पर छोटे-मोटे संशोधन के साथ आयुक्त का प्रस्तावित बजट ही पास हो जाता है।

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