जानें नौकरी छूट जाने के बाद आपके PF बैलेंस और खाते पर क्या पड़ता है असर
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भविष्य निधि को लेकर हर नौकरीपेशा व्यक्ति काफी उत्सुक रहता है। हर महीने वेतन से कटकर भविष्य निधि में जाने वाला पैसा पहले तो खटकता है लेकिन बाद में बार-बार बैलेंस चेक करने पर वही राशि सुकून भी देती है। लेकिन इस बीच लोग अकसर ये सवाल पूछते हैं कि नौकरी छूट गई तो पीएफ बैलेंस का क्या होगा। आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें।
नौकरी छूटने पर नहीं कर सकेते खाते में योगदान
मालूम हो कि नौकरी छूट जाने के बाद आप ईपीएफ खाते में योगदान नहीं कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ईपीएफ खाते में योगदान नियोक्ता के साथ ही किया जा सकता है और जब नियोक्ता का योगदान ही नहीं होगा, तो कर्मचारी का योगदान भी संभव नहीं है।
ब्याज पर करना पड़ता है कर का भुगतान
कई लोग नौकरी छोड़ने और रिटायर होने के बाद अपने ईपीएफ खाते से रकम निकासी नहीं करते हैं। इस दौरान उन्हें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ओर से हर साल ब्याज दर का फायदा भी मिलता है। लेकिन ज्यादातर लोग इस बात से वाकिफ नहीं हैं कि नौकरी छोड़ने और रिटायर होने के बाद ईपीएफ खाते पर मिलने वाले ब्याज पर कर का भुगतान करना पड़ता है। ईपीएफओ के अनुसार, कर से छूट सिर्फ कर्मचारियों को ही मिलती है। कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है या रिटायर हो जाता है तो ब्याज पर कर भुगतान करना पड़ता है।
नौकरी छूटने के बाद निकाल सकते हैं इतने पैसे
नौकरी छूटने के एक माह बाद आप अपने कुल ईपीएफ बैलेंस का ज्यादा से ज्यादा 75 फीसदी हिस्सा निकाल सकते हैं। वहीं जब नौकरी छोड़े दो महीने पूरे हो जाएंगे, तब आप 25 फीसदी, या जो भी रकम बाकी है, उसे भी निकाल सकते हैं।
58 की उम्र तक जारी रख सकते हैं खाता
जब तक आप 58 साल के नहीं होते, तब तक आप बिना योगदान के भी ईपीएफ अकाउंट को जारी रख सकते हैं। यानी ईपीएफ खाते में बैलेंस छोड़ सकते हैं। 2016 से पहले अगर आप लगातार तीन सालों तक ईपीएफ खाते में योगदान नहीं करते थे, तो आपका खाता इनऑपरेटिव मान लिया जाता था। यानी तीन सालों के बाद आपके ईपीएफ बैलेंस पर कोई ब्याज नहीं मिलता था।
एससीडब्ल्यूएफ में ट्रांसफर हो जाती है रकम
अगर खाता सात साल तक निष्क्रिय रहता है, तो जितना बैलेंस क्लेम नहीं किया होता, उतना बैलेंस सीनियर सिटीजन वेलफेयर फंड (एससीडब्ल्यूएफ) में ट्रांसफर हो जाता है। एससीडब्ल्यूएफ में यह राशि 25 सालों तक रहती है। इस दौरान आप राशि क्लेम कर सकते हैं। इस फंड पर सरकार ब्याज भी देती है। 2019-20 में सरकार ने इस पर 6.85 फीसदी ब्याज दिया था।