चिंता मनी-26 : कोरोना काल में एनपीएस खाते से कैसे धन निकालें?

नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार Updated Wed, 09 Sep 2020 07:00 AM IST
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पैंतीस साल के रवि सहगल 2009 में जबसे सार्वजनिक उपक्रम में नौकरी कर रहे हैं, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में योगदान कर रहे हैं। दूसरे अन्य लोगों की तरह पिछले छह माह से कोरोना महामारी की वजह से उनकी भी वित्तीय स्थिति बिगड़ गई है। उनके 75 वर्षीय पिता को कई हफ्ते अस्पताल में रहना  पड़ा, जिससे उनकी सारी बचत जाती रही।
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एनपीएस में करीब 11वर्षों तक योगदान  करने के बाद वह अब जानना चाहते हैं कि क्या वह अपने खाते से कुछ धन निकाल सकते हैं। एनपीएस खाताधारक के सहयोग से चलने वाली सेवानिवृत्ति के बाद आय देने वाली योजना है, जिससे समय से पूर्व धन निकालने के विकल्प बहुत सीमित हैं।
अप्रैल, 2020 में जब कोरोना से उपजी स्थितियों में पेंशन फंड रेग्यूलेटरी ऐंड डेवलपमेंट अथाॅरिटी (पीएफआरडीए) ने इसमें छूट देने के संबंध में सर्कुलर जारी किया, उससे पहले तक तो खाताधारक के पास साठ वर्ष की उम्र पूरी करने से पहले इससे बाहर निकलने का कोई विकल्प ही नहीं था।
बच्चों की उच्च शिक्षा या शादी, आवासीय मकान की खरीद या निर्माण तथा गंभीर बीमारियों के इलाज जैसी विशेष परिस्थितियों में ही एनपीएस से आंशिक निकासी का प्रावधान था। चिकित्सा संबंधी आपात स्थिति में भी एनपीएस से अलग हो सकते हैं। 

कोविड और एनपीएस छोड़ने का विकल्प
पीएफआरडीए ने अप्रैल में जारी अपने सर्कुलर में कोरोना वायरस के संक्रमण को ऐसी गंभीर बीमारी के रूप में चिह्नित किया, जिसमें जान भी जा सकती है। इसके तहत अनिवार्य एनपीएस श्रेणी-एक खाते से कोविड-19 के इलाज के लिए आंशिक निकासी का प्रावधान किया गया।

सर्कुलर के मुताबिक, एनपीएस खाते से खाताधारक, जीवनसाथी, उनके बच्चों तथा अभिभावकों के इलाज के लिए धन की निकासी की जा सकती है। इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत होती है, जिसमें कोरोना पॉजिटिव होने का स्पष्ट उल्लेख हो।

एनपीएस से सिर्फ ऐसे खाताधारक इस तरह की निकासी कर सकते हैं, जो कम से कम तीन वर्षों से इसमें योगदान कर रहे हों और वह जमा राशि के 25 फीसदी तक निकासी कर सकते हैं। इस पर कोई कर नहीं लगता। वैसे 25 फीसदी निकासी की सीमा हर तरह की निकासी के लिए तय है। उदाहरण के लिए, यदि एनपीएस के किसी श्रेणी-एक खाताधारक के खाते में पांच साल में चार लाख जमा हुए हों, तो वह एक लाख रुपये तक निकाल सकते हैं।

वैसे एनपीएस खाते के परिपक्व होने तक सिर्फ तीन बार आंशिक निकासी करने की इजाजत है। जिस किसी जरूरतमंद खाताधारक को एनपीएस से निकासी करनी हो, वह सभी जरूरी दस्तावेज के साथ इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इसमें धन निकालने की वजह बतानी पड़ती है।

ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद इसे डाउनलोड करना होता है। इसके बाद आपको इस फॉर्म के साथ मेडिकल सर्टिफिकेट नत्थी कर नोडल ऑफिस में भेजना होगा। नोडल ऑफिस के पास आपके आवेदन पहुंचने के बाद आपके खाते में सीधे धन क्रेडिट हो जाता है।

रवि सहगल को चाहिए कि वह अपने श्रेणी-एक एनपीएस खाते से 25 फीसदी धन निकालने के लिए आवेदन करना चाहिए, जिससे पिता के कोविड संक्रमण के इलाज में हुए खर्च का बोझ कम हो सकेगा। उनके लिए यह विकल्प सिर्फ इसलिए है, क्योंकि कोविड के कारण उन्हें वित्तीय मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

ध्यान रहे, एनपीएस दीर्घकालीन सेवानिवृत्ति बचत के रूप में ही आदर्श है और समय से पूर्व इसमें से निकासी से आपकी सेवानिवृत्ति के बाद की जरूरतें प्रभावित हो सकती हैं। आपको याद रखना होगा कि जब कभी आपकी वित्तीय स्थिति ठीक हो, तो सेवानिवृत्ति के बाद काम आने वाली इस बचत की भरपाई कैसे हो।
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