निवेश के मंत्र 33: कोरोना के माहौल में कैसे बनाएं निवेश की रणनीति?
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- कोरोना जैसे संकट के दौर में निवेश करना ना छोड़ें
- निवेश के लंबे नजरिए को लेकर चलें निवेशक
- लार्जकैप और मिडकैप शेयर में निवेश कर सकते हैं
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विस्तार
कोरोना पर काबु पाने के लिए लगाए गए संपूर्ण लॉकडाउन के दो महीने में भारतीय बाजारों में बड़ी उठा-पटक का दौर रहा। हालांकि नए निवेशकों को बाजार में निवेश करने की सलाह दी गई लेकिन जो पहले निवेश करते आ रहे हैं उन्हें भी अपना निवेश बरकरार रखने को कहा गया।
शेयर बाजार का कोई भी सेक्टर ऐसा नहीं है जो कोरोना से प्रभावित ना हो लेकिन कुछ ऐसे सेक्टर भी हैं जो कोरोना वायरस से थोड़ा कम प्रभावित हैं। आइए जानते हैं कि कोरोना के माहौल में निवेश की रणनीति आखिर कैसे बनाई जाए...
इक्विटी में ज्यादा बिकवाली के बाद भी निवेश करें?
लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है और यही वजह है कि इक्विटी बाजार और कॉर्पोरेट आय पर प्रभाव पड़ा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय सरकार की ओर से एलान किए गए पैकेज से थोड़ी राहत मिली लेकिन ये बहुत छोटे समय के लिए ही रही।
अभी कोरोना से कब तक राहत मिलेगी, इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। वहीं चीन और अमेरिका में भी व्यापार को लेकर तनाव चल रहा है जिसका असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ रहा है। निवेशकों को यही सलाह है कि बाजार में अभी देखकर निवेश करें।
निवेशकों के लिए अच्छा होगा कि वो इक्विटी बाजार पर ज्यादा फोकस करें। इसके अलावा लार्जकैप और मिडकैप में भी निवेश कर सकते हैं।
एनर्जी, ऑयल और गैस शेयर खरीद सकते हैं?
सरकार के राहत पैकेज और चीन में दोबारा मांग बढ़ने के बाद कमोडिटी बाजार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। कमो़डिटी लेने वाला चीन सबसे बड़ा देश है, इसलिए चीन में मांग बढ़ने पर कमोडिटी बाजार में उछाल है।
निवेश करने या शेयर खरीदने के लिए केमिकल, एग्री, कंजम्पशन (एफएमसीजी) जैसे सेक्टर दूसरे सेक्टर से पहले और ज्यादा ग्रोथ करने की क्षमता रखते हैं। सरकारी बैंकों की तुलना में निजी बैंक का प्रदर्शन अच्छा देखने को मिल सकता है।
तीन या छह महीने के लिए कहां पैसा लगाएं?
अगर कोविड-19 का संक्रमण नहीं होता तब भी कंपनियों की आय में कमी आई होती। कमजोर कॉर्पोरेट आय और रिकवरी की वजह से भारतीय बाजार में ज्यादा गिरावट देखने को मिली और यह अगले दो से तीन तिमाही कर रहने वाला है।
पैसा लगाने के लिए जब शेयर या स्टॉक चुनेंगे तो इन बातों का ध्यान जरूर रखना कि स्टॉक की रिकवरी अच्छी हो, आय में पारदर्शिता हो, मजबूत प्रबंध और बैलेंस शीट मजबूत हो।
अनिश्चितता के दौर में निवेश की रणनीति क्या हो?
ऐसे माहौल में निवेश करने के लिए कई तरह की रणनीति अपना सकते हैं। कोरोना के संकट से बाहर निकलते वक्त लार्जकैप स्टॉक जल्दी से रिकवरी दिखाएंगे और स्मॉलकैप शायद रिकवर होने में थोड़ा समय ले सकते हैं।
खराब प्रदर्शन करने वाले शेयर को बड़ी संख्या में ना खरीदकर अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेयरों में थोड़ा-थोड़ा पैसा लगा सकते हैं। ये समय समुद्र में गोता लगाने का नहीं है, अगर निवेश करना है तो अच्छे स्टॉक या शेयर में करें। कम से कम एक या दो साल के लिए निवेश करें, निवेश में जल्दबाजी ना करें।