{"_id":"f7dde700-4807-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"interesting-things-related-to-mobile-banking","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी कुछ रोचक बातें","category":{"title":"Personal Finance","title_hn":"पर्सनल फाइनेंस","slug":"personal-finance"}}
मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी कुछ रोचक बातें
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Mon, 17 Dec 2012 10:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को इससे जुड़े जोखिम, जिम्मेदारी (रिस्पांसबिलिटी) और देनदारी (लायबिलिटी) की जानकारी देना जरूरी है। अगर कोई ग्राहक ट्रांजेक्शन को लेकर कोई शिकायत करता है तो यह बैंक की जिम्मेदारी है कि वह कस्टमर की शिकायत को दूर करे।
विज्ञापन
-2001 में फिलीपिन्स में सीमित स्तर पर शुरू हुए मोबाइल बैंकिंग ने दशक के अंत तक तकरीबन सारी दुनिया में बैंक के विकल्प के रूप में अपनी जगह बना ली है।
-मोबाइल बैंकिंग के मौजूदा विस्तार से जुड़ा एक रोचक तथ्य यह है कि विकसित देशों के मुकाबले विकासशील देशों में मोबाइल फोन ऑपरेटर वित्तीय सेवाएं देने के प्रमुख जरिया बन रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हाल के वर्षों में अफ्रीकी देशों में आई मोबाइल ट्रांसफर की क्रांति है, जिसके चलते भारत की एयरटेल सहित दुनिया के कई दिग्गज मोबाइल ऑपरेटर और वैल्यू एडेड सेवा (वैस) प्रदाता अफ्रीका का रुख कर रहे हैं।
विज्ञापन
-पाकिस्तान में वित्तीय सेवाएं देने वाली अग्रणी कंपनी मोनेट ने अपनी मोबाइल बैंकिंग के दम पर वहां के प्रमुख बैंकों और वित्तीय संस्थानों को पछाड़ दिया है।
विज्ञापन
-ग्लोबल स्तर पर नार्वे की कंपनी टेलीनॉर की गिनती दुनिया के अग्रणी मोबाइल बैंकिंग सेवा प्रदाता के रूप में की जाती है।
-स्टॉकहोम की बर्ग इनसाइट इंडस्ट्री रिसर्च कंपनी के अनुसार 2009 ये ग्लोबल स्तर पर पैर पसारने वाली मोबाइल बैकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या वर्ष 2015 में 16 गुना तक बढ़ जाएगी। उस समय दुुनिया में मोबाइल बैंकिंग के 89.4 करोड़ ग्राहक होंगे, जिनमें से 78 फीसदी ग्राहक एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के उभरते हुए बाजारों वाले देशों के होंगे।
अफ्रीका में है अधिक लोकप्रिय
अफ्रीकी देशों में इंटरनेट और बैंकों की व्यापक पहुंच नहीं होने के कारण यहां मोबाइल बैंकिंग की सेवा खासी लोकप्रिय है और तेजी से बढ़ रही है। मोबाइल बैंकिंग के मौजूदा विस्तार से जुड़ा एक रोचक तथ्य यह है कि विकसित देशों के मुकाबले विकासशील देशों में मोबाइल फोन ऑपरेटर वित्तीय सेवाएं देने के प्रमुख जरिया बन रहे हैं।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण हाल के वर्षों में अफ्रीकी देशों में आई मोबाइल ट्रांसफर की क्रांति है, जिसके चलते भारत की एयरटेल सहित दुनिया के कई दिग्गज मोबाइल ऑपरेटर और वैल्यू एडेड सेवा (वैस) प्रदाता अफ्रीका का रुख कर रहे हैं।
केन्या ‘मोबाइल मनी’ में दुनिया का अग्रणी देश
मोबाइल मनी सर्विसेज का उपयोग करने के मामले में केन्या दुनिया का सबसे अग्रणी देश है। कम्यूनिकेशंस कमीशन ऑफ केन्या के जुलाई 2012 तक के आंकड़ों के अनुसार केन्या के करीब 2.9 करोड़ मोबाइल धारकों में से 65 फीसदी यानी करीब 1.9 करोड़ यूजर मोबाइल मनी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं।
केन्या में मोबाइल मनी सेवाओं के जरिए उपयोगी बिलों का भुगतान, स्कूल फीस भरने, स्टोर पर खरीदारी करने, एम-टिकटिंग, फोन टॉप-अप्स, एटीएम से नकद निकालने आदि कार्य भी किए जाते हैं। सफारीकॉम केन्या में मोबाइल मनी ‘एम पैसा सर्विस’ शुरू करने वाली पहली कंपनी है। करीब पांच साल पहले इसकी शुरुआत हुई और फिलहाल एम-पैसा के करीब 1.5 करोड़ ग्राहक हैं।