9 दिन बाद करदाताओं को देना होगा 5 हजार रुपये का जुर्माना, अबकी बार नहीं मिलेगी रिटर्न फाइल में ढील
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देरी पर लगेगा जुर्माना
अगर आपने 31 जुलाई से पहले आयकर रिटर्न फाइल नहीं किया तो आप पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234एफ के तहत जुर्माना लग सकता है। 31 जुलाई के बाद और 31 दिसंबर से पहले आईटीआर फाइल करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। जबकि 31 दिसंबर के बाद आईटीआर फाइल करने पर जुर्माने की राशि बढ़कर दस हजार रुपये हो जाएगी। हालांकि अगर आपकी आय 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं है तो आपको एक हजार रुपये का ही जुर्माना भरना होगा।
किस स्लैब में कितना भरना होगा टैक्स
आयकर विभाग ने हर स्लैब के लिए अलग-अलग टैक्स की सीमा तय कर रखी है। ये टैक्स आपकी आय के हिसाब से तय किए जाते हैं। अगर आपकी आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको आईटीआर फाइल करना अनिवार्य है। आइए जानते हैं किस स्लैब में कितना टैक्स भरना होगा-
आय- 2.5 लाख से 5 लाख, टैक्स- 5 फीसदी
आय- 5 लाख से 10 लाख, टैक्स- 20 फीसदी
आय- 10 लाख से ऊपर, टैक्स- 30 फीसदी
इसके अलावा अगर आपकी आय 50 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच है तो आपको 10 फीसदी सरचार्ज के तौर पर भी चुकाना होगा। वहीं, अगर आय 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है तो आपको 15 फीसदी सरचार्ज देना होगा।
कैसे करें इनकम टैक्स रिटर्न फाइल
इनकम टैक्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया बेहद आसान है। आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से फाइल कर सकते हैं। आयकर रिटर्न ऑनलाइन भरने के लिए सबसे पहले आपको इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट (https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home) पर जाना होगा। उसके बाद आपको वेबसाइट पर लॉग-इन करना होगा। इसके लिए आपको यूजर आईडी, पासवर्ड और जन्म की तारीख बतानी होगी। अगर आपके पास आईडी नहीं है तो नया बना सकते हैं।
आईडी बन जाने के बाद सबसे पहले आप फॉर्म-16 और फॉर्म 26-एएस डाउनलोड करें और उसे बारीकी से भरें। उसके बाद इनकम टैक्स रिटर्न का फॉर्म डाउनलोड करें और उसे बेहद ही सतर्कता से भरें। फिर उसे सत्यापित करें। इस तरीके से आप अपना आईटीआर फाइल कर सकते हैं।
आईटीआर फाइल करने के लिए जरूरी दस्तावेज
अगर आप अपना आईटीआर फाइल कर रहे हैं तो आपको वित्तीय लेन-देन से जुड़े हर दस्तावेज को अपने पास रखना जरूरी है। इनमें सबसे जरूरी जो दस्तावेज हैं, वो हैं- फॉर्म-16, फॉर्म 26-एएस, बैंक का विवरण, गृह ऋण ब्याज प्रमाण पत्र (होम लोन इंटरेस्ट सर्टिफिकेट), पैन कार्ड और आधार कार्ड।