{"_id":"60763bf58ebc3ec89b7f76c3","slug":"income-tax-return-more-than-10-lakh-transaction-information-till-31-may","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयकर रिटर्न : 10 लाख से ज्यादा लेनदेन की जानकारी 31 मई तक","category":{"title":"Personal Finance","title_hn":"पर्सनल फाइनेंस","slug":"personal-finance"}}
आयकर रिटर्न : 10 लाख से ज्यादा लेनदेन की जानकारी 31 मई तक
Wed, 14 Apr 2021 06:23 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 14 Apr 2021 06:23 AM IST
सार
- वित्तीय संस्थानों और म्यूचुअल फंड हाउस को अपने ग्राहकों को पूंजीगत लाभ, लाभांश औ ब्याज की जानकारी देनी होगी।
विज्ञापन
आयकर रिटर्न
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आयकर विभाग ने रिटर्न को आसान बनाने के लिए पिछले महीने प्री-फिल्ड आईटीआर फॉर्म जारी करने का एलान किया था। विभाग इसके लिए जरूरी जानकारियां जुटा रहा है, जो हर आंकलन वर्ष में 31 मई तक देना होगा। इनमें 10 लाख से ज्यादा लेनदेन सहित विशेष वित्तीय लेनदेन (एसएफटी) शामिल हैं।
विज्ञापन
विभाग ने 12 मार्च की अधिसूचना में कहा था कि वित्तीय संस्थानों और म्यूचुअल फंड हाउस को अपने ग्राहकों को पूंजीगत लाभ, लाभांश और ब्याज की जानकारी देनी होगी।
विज्ञापन
इसके अलावा कई और एसएफटी हैं, जिनकी जानकारी देना होगा। इसमें 10 लाख से ज्यादा नकद जमा, एफडी, क्रेडिट कार्ड भुगतान, बॉन्ड डिंबेंचर, म्यूचुअल फंड या शेयरों की खरीद के अलावा 30 लाख से ज्यादा की अचल संपत्ति खरीदने बेचने की जानकारी देनी होगी। 2020-21 का आकलन वर्ष 2021-22 है, इसलिए संबंधित वित्तीय संस्थान या फंड हाउस को 31 मई 2021 तक जानकारियां विभाग तक पहुंचानी होंगी।
विज्ञापन
संदिग्ध लेनदेन पर निगाह
विभाग का मानना है कि बड़ी राशि के लेनदेन की जानकारी अगर वित्तीय संस्थानों और फंड हाउस के जरिए समय पर मिल जाती है तो संदिग्ध लेनदेन पर निगरानी आसान होगी।
इसमें एनबीएफसी, क्रेडिट कार्ड कंपनियों, डाकघरों. बॉन्ड जारी करने वाली कंपनियों के साथ एक्सचेंज की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। आयकर की धारा 285बीए के तहत ऐसे लेनदेन की जानकारी अब जरूरी की गई है।
आईटीआर फॉर्म की समीक्षा करें करदाता
विभाग ने कहा कि वैसे तो प्री-फिल्ड आईटीआर फॉर्म सभी जानकारियां पर्याप्त निगरानी और पंजीकृत स्रोतों के आधार पर ही शामिल की जाएंगी। बावजूद इसके करदाता अपने फॉर्म को विभिन्न दस्तावेजों के जरिए एक बार क्रॉस चेक जरूर करें। इसके लिए बैंक स्टेटमेंट, फॉर्म 26एएस और ब्याज प्रमाण पत्रों की मदद ली जा सकती है। इससे रिटर्न दाखिल करते समय करदाता किसी भी तरह गलती से बच सकेंगे।